जिलेभर में आठ एमएम बारिश ने मंडियों में पड़े हजारों क्विंटल धान को भिगो
दिया, वहीं खेतों में खड़ी फसल को भी नुकसान हुआ है। इससे किसानों की
परेशानी बढ़ गई है, वहीं मौसम ठंडा हो गया है। बारिश के साथ सर्दी ने दस्तक
दे दी है। बारिश होने पर अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम
तापमान 17 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक
आगामी 24 घंटे आसमान में बादल छाए रहेंगे।
उधर, कृषि विशेषज्ञों का कहना है
कि खेतों में खड़ी धान को इस बारिश से नुकसान होगा। जिले में धान का सीजन
चल रहा है और गेहूं बिजाई पर किसान लगे हैं। बारिश ने एक दो दिन पहले गेहूं
की गई बिजाई को नुकसान पहुंचाया है। इन किसानों को दोबारा से गेहूं बिजाई
करनी पड़ेगी।
दूसरी तरफ अनाज मंडियां धान से फुल है। मंडियों में इंतजाम
पूरे नहीं होने के कारण खुले आसमान के नीचे किसानों का धान भीगता रहा।
किसानों का कहना है कि पहले भाव ने नुकसान पहुंचा और अब बारिश ने धान
भिगोकर परेशानी बढ़ा दी है। अब किसानों को मंडी में धान सुखानी पड़ेगी और
उसके बाद ही बिक्री होनी तय है। बारिश से शहर के लोगों के चेहरे खिल गए
हैं। मौसम ठंडा हो गया है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक कई दिनों के बाद
तापमान में पारा गिरा है।
मंडियां अटी पड़ी हैं धान से
आज भी
अनाज मंडियों में धान का उठान नहीं हो पाया है। करनाल समेत जिले की सभी
मंडियों में कमोबेश यही हाल है। उठान नहीं होने के कारण हजारों क्विंटल धान
खुले में पड़ा है। बुधवार रात को आई बारिश ने मंडियों में पड़े हजारों
क्विंटल धान को भिगो दिया। आनन फानन में किसानों व आढ़तियों ने धान को
तिरपाल से ढका। अगर और बारिश होती है तो धान को और नुकसान हो सकता है।