कई दिनों से चल रही बादलों और सूर्यदेव की लुकाछिपी रविवार दोपहर बाद खत्म
हो गई। इंद्रदेव करनाल में जमकर बरसे। निचले इलाकों में तो ढाई घंटों में
ही 2-2 फुट पानी भर गया। सुबह की शुरुआत बादलों के बीच हुई, लेकिन कुछ ही
देर में धूप खिल गई। इसके बाद हवाएं चलने लगी। दोपहर तक सब कुछ सामान्य सा
दिखाई दे रहा था, लेकिन दोपहर करीब पौने दो बजे मौसम अचानक खराब हो गया।
इसके बाद बादल छाए और दोपहर दो बजे अचानक काली घटाएं छाने से दिन के समय ही
अंधेरा छा गया। जिले भर में इस दौरान 28.6 एमएम बारिश दर्ज की गई, जो
सितंबर माह की सबसे अधिक बारिश है। बारिश से आम लोगों को उमस भरी गर्मी से
निजात मिली, वहीं दूसरी ओर इस बारिश को सर्दी की शुरुआत से जोड़कर भी लोग
देख रहे हैं।
खेतों में बिछी बासमती जीरी
निसिंग में रविवार
दोपहर को क्षेत्र में तेज बारिश हुई। सड़कों पर पानी भरा होने से प्रशासन
के दावों की पोल खुल गई। अनाजमंडी में पहुंचा किसानों का धान भीग गया।
किसानों की खेतों में खड़ी बासमती किस्म की 1509 व 1121 धान गिर गई। किसान
राजपाल सिंह का कहना है कि उन्होंने अपनी बासमती 1121 धान का पानी सुखा रखा
था। शाम के समय अचानक तेज हवा आने से उनकी धान खेतों में बिछ गई। खंड कृषि
अधिकारी डॉ. नसीब सिंह का कहना है कि तेज हवा से किसानों की पकी हुई धान
खेतों में बिछ गई। इसकी बालियों में दाना पूरा होने के कारण कोई नुकसान
नहीं है। जिन किसानों ने फसल में खाद की मात्रा अधिक डालने के धान अधिक
लंबा बढ़ गया। इसकी किसानों ने ऊपर से कटाई नहीं की। वह धान हवा में गिर
सकता।
जीरी में पानी न दें किसान, अभी और होगी बारिश
कृषि
विशेषज्ञों ने किसानों के लिए अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार
22, 23 और 24 को अच्छी बारिश की उम्मीद जताई जा रही है, इसलिए किसान भाई
अभी जीरी की फसल सहित अन्य फसलों में भी पानी न दें, ताकि फसल को खराब होने
से बचाया जा सके।
किसानों के माथे पर छाई चिंता की लकीरें
बारिश
ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें उकेर दी हैं। इस समय किसानों की
जीरी की फसल या तो निसर चुकी है या फिर पककर बिलकुल तैयार है। ऐसे में यदि
अब ज्यादा बारिश हुई तो इन किसानों को भारी नुकसान होने लगभग तय है। पहले
ही मंडी में जीरी की फसल पिटी हुई है। यदि अब बारिश हुई तो किसान के लिए
बहुत बड़ी विकट समस्या खड़ी हो जाएगी।
पिछले साल हुई थी 1 से 8 सितंबर को बारिश
मौसम
विभाग के अनुसार पिछले वर्ष 1 सितंबर से 8 सितंबर तक बारिश हुई थी, वहीं
इस बार 20 से 28 सितंबर तक बारिश संभावित लग रही है। 23 और 24 को सबसे अधिक
भारी बारिश की संभावनाएं नजर आ रही है।
स्वास्थ्य विभाग की बड़ी दिक्कतें
डेंगू
से जूझ रहे स्वास्थ्य विभाग व शहरवासियों के लिए इस बारिश ने आफत का काम
किया है। यदि इस बारिश के बाद तापमान में गिरावट आई तो डेंगू में कुछ कमी
हो सकती है, लेकिन यदि तापमान 31 या इससे अधिक रहा तो स्वास्थ्य विभाग सहित
आम जनता की दिक्कतें बढ़नी तय हैं। ठंडक हुई तो डेंगू का मच्छर उचित
तापमान नहीं होने के कारण पनप नहीं सकेगा। ऐसे में अब सभी को प्रभु से ठंडक
की ही उम्मीद है। जिले में डेंगू की स्थिति की बात करें तो 8 नए पॉजिटिव
केस डेंगू के और आ गए हैं। अब जिले में स्वास्थ्य विभाग के रिकार्ड में 49
पॉजिटिव केस हो गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू की जांच के लिए 161
नमूनों में से यह पॉजिटिव केस पाए हैं, वहीं प्राइवेट अस्पतालों की रिपोर्ट
करें तो अब तक सैकड़ों लोग डेंगू से जिले में जूझ रहे हैं।
146 को दिए नोटिस, 1342 कूलर में पाया डेंगू का लार्वा
बरसात
से पहले डेंगू से जूझ रहे शहरवासियों को बचाने के लिए घर-घर पहुंची
स्वास्थ्य विभाग की टीम को अब तक 1342 लोगों के घरों में कूलर से डेंगू का
लार्वा मिल चुका है। इतना ही नहीं टंकी सहित अन्य 314 स्थानों पर घरों में
ही स्वास्थ्य विभाग की टीम को डेंगू का लार्वा मिल चुका है। हाल यह है कि
मॉडल टाउन एरिया में सतिया वाला मंदिर में 5-6 कूलरों में टीम को एक साथ
डेंगू का लारवा मिला। ऐसे में जागरूकता के अभाव में भी जिले में लोग डेंगू
से जूझ रहे हैं।
इंद्री, असंध और घरौंडा में शुरू होगी फॉगिंग
डेंगू
से जूझ रहे लोगों को बचाने और लोगों को राहत दिलाने के लिए अब स्वास्थ्य
विभाग की टीम ने छुट्टियों पर भेजे गए 22 अनुबंधित कर्मचारियों को वापस
बुला लिया है। गौरतलब है कि मलेरिया रोधी दवा के खत्म होने के कारण
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने इन कर्मचारियों को छुट्टी पर भेज दिया था। अब
टीम इंद्री, असंध व घरौंडा में फॉगिंग के साथ-साथ लोगों को जागरूक करने का
भी अभियान चलाएगी।
यदि तापमान बढ़ गया तो स्थिति बिगड़ी सकती है,
लेकिन ठंड बड़ी तो डेंगू के डंक पर लगाम लगना भी तय है। ठंड में डेंगू पनप
नहीं सकता। ऐसे में लोगों को राहत भी मिल सकती है। हमारी टीम लोगों को
जागरूक करने में लगी हैं। अब तक 51 हजार 213 घरों का निरीक्षण किया जा चुका
है।
सरोज बाला, डिप्टी सीएमओ, करनाल।