कोरोना की दूसरी लहर और लॉकडाउन के माहौल में यदि किसी आवश्यक काम से ट्रेन का सफर करना पड़ता है तो घर से खाना ले जाएं। रेलवे ने ट्रेनों में रसोई बंद कर दी है। ऐसे में यात्रियों को पेंट्री कार बंद होने से ट्रेन के अंदर खाने के लिए कुछ उपलब्ध नहीं होगा। पिछले दो दिन से रेलवे ने यह नियम लागू कर दिया है। रेलगाड़ियों में टिकट आरक्षण के समय जो कैटरिंग चार्ज लिया जाता था, उसे भी रेलवे ने बंद कर दिया है। वेटिंग टिकट पर यात्रा नहीं की जा सकती है। केवल कंफर्म टिकट पर ही यात्रा की जा सकती है।
कम हुई यात्रियों की संख्या, रिफंड करवाने वाले ज्यादा
कोरोना की दूसरी लहर में रेलवे यात्रियों की संख्या एक चौथाई रह गई है। बहुत कम लोग ही आरक्षण केंद्र पर पहुंच रहे हैं। स्थिति यह है कि फिलहाल टिकट आरक्षित करवाने वाले कम और रिफंड करवाने वाले लोग ज्यादा पहुंच रहे हैं। शुक्रवार को दोपहर बाद तक 25 हजार रुपये के टिकट रिफंड किए गए। बिहार, उत्तरप्रदेश, महाराष्ट्र इत्यादि राज्यों में लॉकडाउन होने व गाड़ियां प्रभावित होने के कारण बुकिंग नाममात्र ही रह गई है। रेलवे स्टेशन के आरक्षण केंद्र पर लॉकडाउन लगने से पूर्व तक रोजाना करीब 350 तक यात्री फार्म भरते थे, जिनकी संख्या अब 100 से 125 तक रह गई है। ज्यादातर लोग पूर्व में की गई टिकट को निरस्त करवा रहे हैं।
मालवा एक्सप्रेस अब सप्ताह में तीन दिन
मालवा एक्सप्रेस ट्रेन को अब सप्ताह में तीन दिन कर दिया गया है। यह ट्रेन 02920 इंदौर से माता वैष्णो देवी कटरा के लिए सुबह 7.30 बजे करनाल में मिलती है। डाउन में कटरा से इंदौर शाम 4.40 बजे का समय है। शनिवार सुबह से यह गाड़ी मां वैष्णो देवी कटरा नहीं जाएगी। संचालन की नई व्यवस्था के तहत यह गाड़ी सोमवार, बुधवार व शुक्रवार को चलेगी। स्टेशन पर्यवेक्षक एके रहेजा ने कहा कि कोरोना महामारी की रोकथाम के लिए रेलवे की ओर से हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।