कोरोना वायरस के चलते सेनेटाइजर और मास्क की कालाबाजारी को रोकने के लिए खाद्य आपूर्ति विभाग हरकत में आ गया है। सोमवार को विभाग की टीम ने शहर में 15 मेडिकल स्टोरों पर छापेमारी की। अचानक हुई छापेमारी से मेडिकल स्टोर संचालकों में हड़कंप मच गया। इस दौरान शहर के दो स्टोरों में काफी मात्रा में मास्क मिले, लेकिन मेडिकल स्टोर संचालक इन मास्क के बिल प्रस्तुत नहीं कर पाए। टीम ने इन स्टोरों की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी है।
ढाई से पांच रुपये में मिलने वाले मास्क को मेडिकल स्टोर संचालक 15 से 20 रुपए तक बेच रहे है, वहीं 100 एमएल का सेनेटाइजर 80 से 100 रुपये और 250 एमएल सेनेटाइजर को 130 से 140 रुपये में बेचा जा रहा है, जिससे मास्क और सेनेटाइजर की कालाबाजारी को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए शहर में फूड सेफ्टी की टीम ने छापेमारी की। फूड इंस्पेक्टर राजेश कुमार व इंद्र संधू के नेतृत्व में टीम ने दवा विक्रेताओं की दुकानों को चेक किया। दो घंटे तक चली इस छापेमारी में टीम ने 15 दुकानों की जांच की। जिनमें अधिकत्तर दुकानों पर कुछ ही मात्रा में सेनेटाइजर व मास्क मिले। लेकिन चुघ मेडिकल स्टोर व पर्व मेडिकल स्टोर पर 40 से 50 की संख्या में मास्क मिले है। टीम ने जब इन मास्क के बिल दिखाने को कहा तो बिल नहीं मिलें, जिससे मेडिकल स्टोर संचालक सवालों के घेरे में आ गए हैं। टीम ने दोनों स्टोरों की रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेज दी है।
सामान खरीदते समय उपभोक्ता रहे जागरूक
फूड एंड सप्लाई इंस्पेक्टर राजेश कुमार ने बताया कि कोरोना संक्रमण को लेकर विभाग अलर्ट है। किसी तरह की कालाबाजारी ना हो, इसके लिए विभाग की टीमें दवा विक्रेताओं की दुकानों पर छापेमारी कर रही है। जिस भी दुकान पर मास्क व सेनेटाइजर मिल रहे हैं उनके बिलों की जानकारी ली जा रही है। जिनके बिल नहीं मिल रहे हैं उनके बारे में विभाग को रिपोर्ट की जा रही है। यदि कोई मेडिकल स्टोर संचालक निर्धारित रेटों से ज्यादा दाम पर सेेनेटाइजर व मास्क बेच रहा है तो विभाग को तुरंत सूचना दें।
15 मेडिकल स्टोरों पर छापेमारी की गई थी। जिनमें से दो स्टोर पर मास्क मिले हैं, लेकिन इनके बिल दवा विक्रेता के पास नहीं थे। जिसके बारे में उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेज दी है।
-इंस्पेक्टर राजेश कुमार, खाद्य आपूर्ति अधिकारी घरौंडा