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देशी घी फैक्टरी पर छापामारी, 45 लाख का घी किया सील

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खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने खाद्य वस्तुओं में मिलावट रोकने के लिए राज्य स्तर पर अभियान शुरू कर दिया है। मंगलवार को पंचकूला, पानीपत, झज्जर, हिसार एवं करनाल के अफसरों की टीम ने भारी पुलिस बल के साथ करनाल के नगला रोड़ान गांव स्थित मिस्टी फार्मर प्रोड्यूसर कोआपरेटिव की दुग्ध एवं देसी घी फैक्टरी पर छापा मारा। और करीब 45 लाख रुपये के घी में मिलावट है या नहीं, यह तो जांच रिपोर्ट आने के बाद पता लगेगा लेकिन इसे संदिग्ध मानते हुए 11 सैंपल भरने के बाद 8400 किलो घी सील कर दिया गया। साथ ही मौके पर फर्म का लाइसेंस एक्सपायर भी पाया गया है, जिसके लेबिल के बड़े-बड़े रोल को आग के हवाले कर दिया गया। कुछ पुरानी खाद्य सामग्री को भी जमीन में दबाया गया है। इस कार्रवाई से यहां हड़कंप मच गया।
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जांच के लिए भेजे नमूने
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन आयुक्त ललित सिवाच द्वारा गठित राज्य स्तरीय उड़नदस्ते ने पदाभिहित अधिकारी (खाद्य सुरक्षा) सुभाष चंद्र की अगुवाई में खाद्य सुरक्षा अधिकारी करनाल डा. संदीप कादियान, खाद्य सुरक्षा अधिकारी पानीपत श्याम लाल महिवाल, झज्जर के डा. जोगेंद्र सिंह, हिसार के डा. अरविंद्र जीत सिंह की सहभागिता में भारी पुलिस बल के साथ दोपहर को यह कार्रवाई की। टीम के पहुंचते ही आसपास के लोग दुकानें बंद कर भाग निकले। डा. कादियान ने बताया कि यहां से मिस्टी प्योर काऊ घी, अर्जुना हर्बल घी, लूज देसी घी आदि के 11 नमूने भरे गए हैं। जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। टीमें शाम तक कार्रवाई में जुटी रहीं।
एक्सपायर रजिस्ट्रेशन नंबर का हो रहा प्रयोग
-देसी घी फर्म द्वारा तैयार प्रोडक्ट के पैकिंग पर जो लेबिल लगाया जा रहा था, उसमें जो पंजीकरण संख्या अंकित है, उसकी वैधता मई 2019 को समाप्त हो चुकी है, इसके बावजूद उसी रजिस्ट्रेशन नंबर पर घी तैयार कर बाजार में बेचा जा रहा है।
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अर्जुना हर्बल के लाइसेंस की भी जांच होगी
इसी फैक्टरी में उत्पादित अर्जुना हर्बल घी बनाने के लिए जो राज्य स्तरीय लाइसेंस बताकर प्रयोग किया जा रहा है। उसकी जांच भी शुरू कर दी गई है, क्योंकि विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इसके लिए स्टेट से नहीं बल्कि केंद्र के भारतीय सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण से लाइसेंस लिया जाना चाहिए था। जो नहीं लिया गया है।
मिस्टी देसी घी बनाने की फैक्टरी मिस्टी फार्मर प्रोड्यूसर कोआपरेटिव लिमिटेड नगला रोड़ान करनाल की है। यहां से सभी ब्रांड से 11 सैंपल भरकर भेजे जा रहे हैं। रिपोर्ट आने पर कार्रवाई होगी। फिलहाल संदिग्धता के आधार पर यहां मिले 8400 किलो देसी घी को सील कर दिया है। क्योंकि इन पर एक्सपायर रजिस्ट्रेशन नंबर भी अंकित था। अर्जुना हर्बल के लाइसेंस की भी जांच हो रही है। तत्काल बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है। एक्सपायर रजिस्ट्रेशन नंबर वाले छपे लेबल रोल को जला दिया गया है। करीब आठ हजार रुपये कीमत के पुराने लेबल लगी खाद्य सामग्री को जमीन में दबाया गया है।
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-डा.संदीप कादियान, जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी करनाल।
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