जाट आरक्षण को लेकर प्रदेश भर में चल रहा आंदोलन अब शांत हो गया है। जीटी रोड और अन्य सड़कों का जाम खुलने के बाद अब रेल सेवा भी शुरू होने जा रही हैं। ट्रैक से जाट समुदाय के लोगों का कब्जे हटने के बाद रेलवे द्वारा लाइनों के निरीक्षण का काम भी पूरा कर लिया है। विभाग ने भी बुधवार को सुबह की शुरुआत के साथ ही रेल सेवा को बहाल करने का निर्णय लिया है।
जाट समुदाय के लोगों ने शुक्रवार को सुबह करीब साढे़ दस बजे पानीपत व सोनीपत के बीच रेलवे ट्रैक को जाम कर दिया था। इसके बाद से ही दिल्ली अंबाला रूट के बीच चलने वाली सभी ट्रेनें रद्द कर दी गई थी। उपद्रवियों ने रेलवे ट्रैक को बाधित करने के साथ ही कई जगह पर लाइनों को उखाड़ फेंका था।
इससे सोमवार को सुबह जाम खुलने के बाद भी रेल सेवा शुरू नहीं हो सकी है। इससे रेलवे को करनाल स्टेशन से ही प्रतिदिन करीब 14 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। वहीं ट्रेनों से सफर करने वाले करीब 35 हजार यात्रियों को परेशानियों सामना करना पड़ा है। लेकिन विभाग द्वारा जाम खुलने के तुरंत बाद सिगभनल व्यवस्था व लाइनों का जायजा लेने के बाद बुधवार से ट्रेन सेवा बहाल करने का निर्णय लिया है।
स्टेशन अधीक्षक वीरेंद्र ने बताया कि लाइनों के निरीक्षण का काम पूरा कर लिया गया है। बुधवार से रूट पर सभी ट्रेनें चलने की उम्मीद है। रेल लाइनों के निरीक्षण व सिग्नल व्यवस्था का जायजा लेने के बाद सभी ट्रेनें शुरू की जाएंगी।