कैथल में हरियाणा और पंजाब रोडवेज कर्मचारियों ने संयुक्त रूप से प्राइवेट बस संचालकों की ओर से पीआरटीसी के ड्राइवर कंडक्टरों से की गई जबरदस्ती के खिलाफ चीका से पटियाला और समाना जाने वाली बसों का चक्का जाम कर दिया।
इस दौरान कर्मचारियों ने हरियाणा और पंजाब सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। तकरीबन तीन घंटे के चक्का जाम के बाद चीका थाना में पुलिस अधिकारियों के साथ हुई बातचीत के बाद रोडवेज कर्मियों ने अपनी बस सेवा बहाल कर दी।
कर्मचारियों का आरोप था कि प्राइवेट बस ऑपरेटर अवैध रूप से बसे चलाकर सरकारों के खजानों को चूना लगा रहे हैं लेकिन अधिकारी उन्हें रोकने के लिए कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। जब ड्राइवर व कंडक्टर अपने स्तर पर निजी बस आपरेटरों को रोकने की कोशिशों का विरोध करते हैं तो उनकी जान पर बन आती है। वहीं मामले में शिकायत के बावजूद पुलिस की ओर से कार्रवाई नहीं की जा रही है।
कर्मचारी नेता पीआरटीसी आजाद यूनियन पटियाला के प्रधान बब्बू शर्मा, स्पेशल सेल के प्रधान गुरजंट सिंह, हरियाणा रोडवेज कर्मचारी यूनियन कैथल डिपू के प्रधान सूरज भान और सचिव ओमप्रकाश गोयत ने आरोप लगाया कि परिवहन अधिकारियों की मिलीभगत से कुछ निजी बस संचालक अवैध रूप से पटियाला से चीका चौक तक और समाना से चीका चौक तक अपनी बसें चला रहे हैं। इससे दोनों सरकारों को टैक्स की भारी हानि उठानी पड़ रही है।
उन्होंने कहा कि न तो पंजाब और न ही हरियाणा सरकार के अधिकारी इन निजी बस संचालकों के खिलाफ कोई कार्रवाई कर रहे हैं। इससे निजी बस आपरेटरों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं और वे आए दिन पीआरटीसी व हरियाणा रोडवेज कर्मचारियों पर हमले की फिराक में रहते हैं।
पीआरटीसी आजाद कर्मचारी यूनियन और हरियाणा रोडवेज कर्मचारी संघ की अगुवाई में दोनों यूनियन के कर्मचारी बसें रोकने के बाद चीका थाना पहुंचे और पीआटीसी कर्मियों के साथ कथित रूप से बदसलूकी करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। रोडवेज कर्मियों ने पुलिस अधिकारियों को चेताया कि वे किसी भी सूरत में अवैध निजी बसों को सवारी भरने नहीं देंगे। या तो पुलिस उन्हें ऐसा करने से रोके अन्यथा दोनों पक्षों में होने वाले टकराव की जिम्मेदारी पुलिस की होगी।
दो दिन तक बंद रहेंगी प्राइवेट बसें
थाना चीका प्रभारी कश्मीर सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों से बातचीत के बाद इस बात पर सहमति बनी है कि अगले दो दिनों में दोनों पक्ष अपने-अपने दस्तावेज प्रस्तुत करेंगे जिनसे निजी बसों को चीका चौक तक आने और सवारियां भरने की इजाजत होने या ना होने की बात पुख्ता होती हो। उन्होंने कहा कि इस दौरान निजी बस संचालक अपनी बसें बंद रखेंगे।
जनता को हुई परेशानियां
कर्मचारियों की ओर से बसे रोके जाने के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कैथल से चीका होते हुए पटियाला और चीका से पटियाला, समाना आदि में दिन में सौ से भी ज्यादा बसों के आने एवं जाने के रूट हैं। जिनके माध्यम से हर रोज हजारों यात्री पंजाब और हरियाणा आवागमन करते हैं, लेकिन करीब तीन घंटे तक चक्का जाम रहने के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।