- 2010 से फिटनेस, बीमा और प्रदूषण भी खत्म, अतिक्रमण का सामान उठाने और पशु एंबुलेंस में हो रहा इस्तेमाल
- एंबुलेंस के लिए भी पंजीकृत नहीं, कार्रवाई के समय साथ चलने वाली पुलिस और परिवहन विभाग ने आंखें मूंदीं
- 255 वाहन जनता के डेढ़ साल में जब्त हुए
- 2008 में ईओ नगर पालिका के नाम पंजीकृत
- 2013 में पालिका से बन गया था नगर निगम
- 10 बाद डीजल वाहन एनसीआर क्षेत्र में अवैध
गगन तलवार
करनाल। एनसीआर क्षेत्र में आमजन के 15 साल पुराने पेट्रोल और 10 वर्ष की अवधि पूरी कर चुके डीजल वाहन पुलिस व परिवहन विभाग जब्त कर लेता है लेकिन अतिक्रमण का सामान उठाता हुआ नगर निगम का 17 साल पुराना डीजल ट्रक लोगों के आंसू निकाल रहा है। धुआं के गुबार उठाते इस ट्रक का 19 मार्च 2010 के बाद से फिटनेस प्रमाणपत्र, चार मई 2024 से बीमा और कई वर्षों से प्रदूषण प्रमाणपत्र भी एक्सपायर हो चुका है।
खास बात यह है कि बिना पंजीकरण के पशु एंबुलेंस के तौर पर भी इस पर नीली बत्ती लगाकर इस्तेमाल किया जा रहा है। जबकि एंबुलेंस के तौर पर वाहन चलाने के नियम अलग हैं, इसके लिए पशुओं के स्वास्थ्य संबंधित मानक पूरे करना जरूरी है। परिवहन विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार, 31 मार्च 2008 को नगर पालिका करनाल ने ईओ (कार्यकारी अधिकारी) के नाम पर इस ट्रक को खरीदा था। डीजल वाहन के एनसीआर में 10 साल की अवधि के हिसाब से 2018 में यह वाहन एक्सपायर हो चुका है। अब सात साल अतिरिक्त समय होने के बाद इस वाहन को एनसीआर से बाहर ट्रांसफर नहीं किया जा सकता। अब यह वाहन केवल स्क्रैप है। नगर पालिका से 2013 में करनाल नगर निगम बन चुका है। आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले डेढ़ वर्ष पुलिस और आरटीए ने आमजन के 255 वाहनों को जब्त किया है, इसके अलावा सैकड़ों वाहनों के चालान और एनओसी भी काटी गई है।
तीन साल से ईओ का पद खत्म, जिम्मेदार कौन
जिस कार्यकारी अधिकारी के नाम पर गाड़ी पंजीकृत है। उनका पद भी नगर निगम में तीन साल पहले खत्म हो चुका है। अब इस वाहन का जिम्मेदार कौन है, इसकी जानकारी किसी अधिकारी को नहीं है। ईओ का पद अब केवल नगर पालिका और नगर परिषद में ही है। सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ एडवोकेट संदीप राणा का कहना है कि ट्रक पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट भी नहीं है। आमजन पर कार्रवाई होती है तो पुलिस और आरटीए विभाग निगम के ट्रक पर कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा।
समयावधि पूरी कर चुके वाहनों के सड़क पर मिलने पर कार्रवाई की जाती है। यह कार्रवाई रोजाना होती है। नगर निगम के वाहन की जानकारी मेरे संज्ञान में आ गई है। यदि ट्रक समयावधि पूरी कर चुका है तो कार्रवाई की जाएगी।
- विजय देसवाल, जिला परिवहन अधिकारी
ट्रक एक्सायर हो चुका है, इसे स्क्रैप कराया जाएगा। अतिक्रमण की कार्रवाई के दिन हमारा दूसरा वाहन खराब था, इसलिए इसे ले गए थे। यह ट्रक सड़क पर ज्यादा नहीं चलाया जाता।
- अशोक कुमार, अतिरिक्त निगम आयुक्त, नगर निगम