माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। नौकरी से बर्खास्त किए गए 1983 पीटीआई शिक्षकों का आंदोलन जारी है। नौकरी बहाली की मांग को लेकर प्रदेशभर के शिक्षक वीरवार को कर्ण नगरी में एकत्रित हुए। सेक्टर-12 स्थित फव्वारा पार्क में उन्होंने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। इसके बाद सीएम के प्रतिनिधि अमरनाथ सौदा को मांगों का ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मांग पत्र को मुख्यमंत्री कार्यालय में भिजवाने का आश्वासन दिया।
प्रदर्शन करते हुए टीचर जिला सचिवालय पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इससे पहले उप जिला शिक्षा अधिकारी महाबीर सिंह भी ज्ञापन लेने फव्वारा पार्क पहुंचे। जहां शिक्षकों ने उन्हें ज्ञापन देने से मना कर दिया और सीएम के प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपने की मांग पर अड़े रहे।
आर्थिक तंगी का कर रहे सामना
संरक्षक सज्जन कुमार व प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सीएम मनोहर लाल ने छह अक्तूबर 2020 को आश्वासन दिया था कि शिक्षकों का चूल्हा नहीं बुझने दिया जाएगा, लेकिन 2 साल हो चुके हैं और अभी तक किसी ने सुध नहीं ली। शिक्षक अपने घरों में बैठे हैं। उन्हें आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। कोई नौकरी नहीं मिली है। कोर्ट के मार्फत शिक्षकों को बर्खास्त किया गया था, लेकिन उसमें कुछ कमियां सरकार की रही थी।
तो नहीं होते बर्खास्त
पदाधिकारियों ने कहा कि अगर समय पर सरकार कोर्ट में जवाब सही देती तो टीचर बर्खास्त नहीं होते। कुछ टीचर ऐसे भी थे, जिनका सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया था, लेकिन वे आज भी कार्यरत है। उन्होंने बताया कि वे आज सिर्फ इसलिए एकत्रित हुए हैं कि वे मुख्यमंत्री को उनका वादा याद दिला दें और उन्हें दोबारा नौकरियों पर रखा जाए।