स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले पीटीआई शिक्षकों ने परिवार सहित गिरफ्तारी दी। 10 साल की बच्ची से लेकर 85 साल तक के बुजुर्ग भी गिरफ्तारी में शामिल हुए। 30-30 की संख्या में 10 बसों में बैठ शिक्षकों ने गिरफ्तारी दी। इससे पहले प्रदर्शन के दौरान पुलिस से उनकी नोकझोंक भी हुई। बर्खास्त पीटीआई के शुक्रवार को करनाल में जेल भरो आंदोलन में कर्मचारी संगठनों, कई गांवों के सरपंचों व ग्रामीणों ने भी उनका साथ दिया।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शुक्रवार को लगभग एक बजे फव्वारा पार्क से बर्खास्त पीटीआई और कर्मचारी प्रदर्शन करते हुए जिला सचिवालय की ओर कूच कर गए। प्रदर्शन के दौरान करीब डेढ़ घंटे तक पीटीआई शिक्षकों ने नारेबाजी की। इसके बाद प्रशासन पर गिरफ्तारी के इंतजाम ना होने के आरोप लगाए। पीटीआई शिक्षकों ने पांच मिनट में गिरफ्तारी शुरू करने की चेतावनी भी दी, लेकिन तब भी गिरफ्तारी शुरू नहीं हुई तो पीटीआई शिक्षक सचिवालय से कोर्ट की ओर जाने वाले रास्ते से उठकर डीसी कार्यालय का घेराव करने के लिए चल पड़े। यह देख दूसरी तरफ से एंट्री गेट पर पहुंचे पुलिस कर्मियों ने उन्हें रोका तो उन्होंने जमकर हंगामा किया। करीब 10 मिनट के हंगामे के बाद डीएसपी राजीव और तहसीलदार राजबक्श के आग्रह पर शिक्षक गेट से पीछे हट सचिवालय की पार्किंग में पहुंचे, जहां आधे घंटे तक नारेबाजी के बाद उन्होंने गिरफ्तारी देनी शुरू की। सबसे पहले गंगाटेहड़ी निवासी 10 साल की बच्ची सान्वी ने गिरफ्तारी दी। दूसरी गिरफ्तारी बल्ला निवासी 85 साल के बुजुर्ग मास्टर कर्ण सिंह ने दी। औपचारिक गिरफ्तारी के बाद प्रदर्शनकारियों को रिहा कर दिया गया।
परिवारों पर रोजी-रोटी का संकट, सरकार का निंदनीय कदम
जेल भरो आंदोलन की अगुवाई हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के राज्य उपप्रधान जगतार सिंह, हरियाणा शारीरिक शिक्षक संघर्ष समिति के राज्य महासचिव रविंद्र बरानी व जिला प्रधान संदीप बलड़ी ने की। उन्होंने कहा कि सरकार ने कर्मचारियों की छंटनी कर उनके परिवारों पर रोजी रोटी का संकट खड़ा कर दिया है। प्रदेश में 1983 पीटीआई को बर्खास्त करना सरकार का घोर निंदनीय कदम है। सरकार को बर्खास्त पीटीआई को वापस नौकरी पर लेना ही होगा। मंच संचालन शिव कुमार ने किया। इस अवसर पर जिला प्रधान संदीप बलड़ी, शिव कुमार गोंदर, कुलदीप राणा, भुवन, राजकुमार, प्रदीप, कुलदीप, विनोद, कृष्ण निर्माण व बलवान मौजूद रहे।
डीसी की गाड़ी फंसी, तो पुलिस ने अंदर करवाई
जब पीटीआई शिक्षक सचिवालय के मेन गेट पर गिरफ्तारी दे रहे थे, तो उस समय अचानक डीसी भी सचिवालय पहुंच गए। एक गेट बंद था, तो दूसरे गेट में शिक्षकों की भीड़ खड़ी थी। इस दौरान डीसी की कार भी भीड़ में फंस गई, हालांकि दो मिनट बाद इसे पुलिस ने रास्ता खुलवा कर अंदर करवा दिया।
तहसीलदार बोले, मैं बच्चों की बहादुरी को करता हूं सलाम
बसों में भरने के बाद जब शिक्षकों को फव्वारा पार्क के बाहर छोड़ा गया, तो यहां फिर उन्होंने हंगामा कर दिया। शिक्षकों ने कहा कि प्रशासन ने हमें गिरफ्तार किया। अब हमें यहां छोड़ दिया, हम कैसे मान लें कि हम रिहा हैं। इस पर दोबारा ड्यूटी मजिस्ट्रेट तहसीलदार राजबक्श वहां पहुंचे, और उन्होंने शिक्षकों के मुक्त होने की घोषणा की। तहसीलदार ने गिरफ्तारी देने वाले बच्चों से भी कहा कि मैं इन बच्चों की बहादुरी को सलाम करता हूं।
14 बस कही थी, 10 आई, फिर पैदल निकले पीटीआई
पीटीआई शिक्षकों ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने 14 बसों से गिरफ्तारी होने की बात कही थी, लेकिन 10 बसें ही मौके पर आईं। इसके बाद भी काफी शिक्षक बच गए तो वे पैदल ही नारेबाजी करते हुए निकल पड़े। ऐसे में शिक्षकों के पीछे पुलिस कर्मी भी निकल पड़े।
ये कर्मचारी संगठन रहे शामिल
अध्यापक संघ, आशा वर्कर, आंगनवाड़ी, मैकेनिकल वर्कर, मिड डे मील, फोर्थ क्लास यूनियन, रिटायर्ड कर्मचारी संघ, हरियाणा कर्मचारी महासंघ, नगरपालिका संघ, आल हरियाणा पावर कारपोरेशन वर्कर यूनियन, हुड्डा कर्मचारी संघ, फ़ायरब्रिगेड व कर्मचारी संघ जेल भरो आंदोलन में शामिल रहे।