हरियाणा सरकार द्वारा बिजली के कर्मचारियों की 29 व 30 जून की हड़ताल को देखते हुए काले कानून के रूप में जो एस्मा लगाने का आदेश जारी किया है इसके खिलाफ सैकड़ों कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। भीषण गर्मी के अंदर रोष स्वरूप सैकड़ों कर्मचारियों ने कर्ण पार्क से बस स्टैंड तक बाजार के बीचों बीच हरियाणा सरकार के काले कानूनों के खिलाफ नारेबाजी की और कमेटी चौक पर एस्मा के परिपत्रों की प्रतियां जलाई। सिंहमार व शर्मा ने कहा कि हरियाणा सरकार तानाशाह नीतियां छोड़कर बिजली कर्मचारियों के नेताओं से बातचीत करे।
जनविरोधी व कर्मचारी विरोधी निजीकरण नीतियों को रद्द करते हुए 23 सब डिवीजनों का ठेका रद्द करे। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा एवं हरियाणा कर्मचारी महासंघ ने फैसला लिया कि प्रदेश में कर्मचारी भारी मात्रा में जिला स्तर पर प्रदर्शन करते हुए एस्मा कानून की प्रतियां जलाएंगे। इसी कड़ी में सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा व हरियाणा कर्मचारी महासंघ से संबंधित सभी संगठनों के कर्मचारी भारी मात्रा में एकत्रित हुए। प्रदर्शन की अध्यक्षता दोनों संघों के जिला प्रधान ओमप्रकाश सिंहमार और विश्वनाथ शर्मा ने की। मंच संचालन जिला सचिव कृष्ण चंद शर्मा और प्रेम राणा ने किया।
कृष्ण शर्मा व प्रेम राणा ने कहा कि यदि सरकार ने बातचीत का रास्ता न अपनाया तो जिला स्तर पर दोनों संघों के कर्मचारी 27 जून की शाम को मशाल जुलूस निकालकर अपना विरोध दर्ज करवाएंगे। 29 व 30 जून को बिजली कर्मचारियों की हड़ताल का समर्थन करते हुए अन्य सभी विभागों में कर्मचारी ब्लाक स्तर पर प्रदर्शन करेंगे। एएनपीसी वर्कर यूनियन के राज्य उपप्रधान एनपी सिंह व एचएसईबी वर्कर यूनियन के राज्य उप मुख्य संगठनकर्ता देवेंद्र शर्मा ने हरियाणा सरकार को कर्मचारी विरोधी सरकार बताते हुए कहा कि बिजली विभाग के कर्मचारी एस्मा जैसे कानूनों से नहीं घबराएंगे।