माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। बकाया संपत्ति कर वसूली के लिए नगर निगम लगातार नोटिस जारी कर रहा है। इसे लेकर नवंबर माह में अब तक 150 बकायेदारों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इनमें संपत्ति कर भरने के लिए इन्हें 30 दिन का समय दिया गया है। इसके बाद संपत्ति कुर्क करने की चेतावनी दी गई है। सभी बकायेदार निजी वाणिज्यिक संपत्तियां हैं। इन पर 40 हजार रुपये से लेकर 10 लाख रुपये तक का बकाया है।
बकायेदारों को नगर निगम अधिनियम 1994 की धारा 87, 129 व 130 के तहत नोटिस जारी किए गए हैं। अगर बकायेदार नोटिस जारी करने के 30 दिनों के भीतर संपत्ति कर अदा नहीं करते तो इनकी संपत्तियों को कुर्क करने की कार्रवाई तुरंत की जाएगी। इससे पहले नगर निगम ने जून माह से अब तक पांच बार अटैचमेंट की कार्रवाई करते हुए बकायेदारों की संपत्तियों को सील किया है।
उपायुक्त एवं नगर निगम आयुक्त उत्तम सिंह ने बताया कि मोती नगर, जरनेली कॉलोनी, सेक्टर- 8 व 14, दयाल सिंह कॉलोनी और बूटा सिंह कॉलोनी इत्यादि क्षेत्रों में संपत्ति कर जमा करवाने के लिए बकायादारों को नोटिस जारी किए गए हैं। शेष बकायेदारों की भी सूची तैयार कर ली गई है, उन्हें भी नोटिस जारी किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बकायेदारों के खिलाफ पहले भी संपत्ति कुर्क करने कार्रवाई की जा चुकी है। इसलिए बकायेदार नगर निगम के नोटिस को हलके में न लें। बकाया संपत्ति कर का भुगतान न करने पर सीलिंग की कार्रवाई अवश्य की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि अब तक कुल 550 नोटिस जारी किए जा चुके हैं, जिसके बाद ज्यादातर बकायादारों द्वारा संपत्ति कर अदा किया जा चुका है।
उन्होंने बताया कि जो बकायेदार नगर निगम कार्यालय में जल्द से जल्द संपत्ति कर अदा नहीं करेगा, ऐसे बकायेदारों की संपत्तियों के नाम समाचार पत्रों, नगर निगम के सोशल मीडिया अकाउंट व मुनादी के जरिये सार्वजनिक किए जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि नगर निगम कार्यालय में वित्त वर्ष 2025-26 में अब तक करीब 19 करोड़ 25 लाख रुपये प्रॉपर्टी टैक्स व फायर टैक्स जमा हुआ है। इसमें 18 करोड़ 10 लाख रुपये प्रॉपर्टी टैक्स और 1 करोड़ 15 लाख रुपये फायर टैक्स है। चालू वित्त वर्ष की डिमांड राशि 27 करोड़ रुपये है, जिसे दिसंबर-जनवरी माह में पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि वित्त वर्ष पूरा होने तक 30 करोड़ रुपये से अधिक राशि संपत्ति कर के रूप में जमा करवा ली जाएगी।