करनाल। नगर निगम ने संपत्ति कर बकायेदारों के खिलाफ मंगलवार से कार्रवाई शुरू कर दी है। दिनभर चली कार्रवाई के दौरान बीकानेर भोजनालय सहित सात संपत्तियों को कुर्क किया गया है, जबकि छह संपत्ति मालिकों ने कुर्की से बचने के लिए मौके पर करीब 48 लाख 70 हजार रुपये के चेक टीम को सौंपें हैं।
जबकि एक व्यापारी नेता ने अपने बैंक्वेट हाॅल को बचाने के लिए धनराशि के भुगतान के लिए तीन दिन का समय मांगा है। कार्रवाई को रुकवाने के लिए कई लोग नेताओं और अधिकारियों के पास दौड़ लगाते रहे। नगर निगम ने करीब डेढ़ महीने पहले 71 संपत्ति कर बकायेदारों को अंतिम नोटिस जारी किया था।
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जिसमें चेतावनी दी गई थी कि यदि उन्होंने संपत्ति कर का भुगतान नहीं किया तो 30 दिन के बाद संपत्ति को कुर्क कर लिया जाएगा। निगमायुक्त डॉ. वैशाली शर्मा ने बताया कि अंतिम नोटिस के बाद नौ बकायेदारों ने ही भुगतान किया लेकिन शेष संपत्ति कर बकायेदारों ने भुगतान नहीं किया। मंगलवार को 14 बकायेदारों पर कार्रवाई की कार्ययोजना तैयार की गई थी।
जिसमें शहर की सात संपत्तियों को कुर्की कर संबद्ध कर लिया गया है। इन संपत्तियों पर करीब 24 लाख रुपये का संपत्ति कर लंबे समय से बकाया था। जिस कारण इन्हें डिफाल्टर की श्रेणी में रखा गया था। इन संपत्तियों को हरियाणा नगर निगम अधिनियम 1994 की धारा 130 के तहत अटैच किया गया है।