- अब तक नहीं बड़े सामुदायिक केंद्र, सैर के लिए पार्कों का इंतजार
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। पिछले 10 साल में वार्ड नंबर दो क्षेत्र में करीब 200 करोड़ के विकास कार्य हुए, लेकिन कुछ समस्याएं बरकरार हैं। इनका निवर्तमान पार्षद को भी मलाल है। वार्ड के लोगों का कहना है कि यहां बड़े पार्क या सामुदायिक केंद्र नहीं हैं। जिनकी सबसे ज्यादा आवश्यकता है। यहां की ड्रेन गंदगी और बीमारियों की वजह बन रही है।
अब वार्ड को आरक्षित कर दिया गया है, इसलिए यहां के लोग अब दूसरे पार्षद को चुनने और अपने अधूरे विकास कार्याें को पूरा करवाने की आस लगाए बैठे हैं। वार्ड में अब आरके पुरम, पालम कॉलोनी, अशोका नर्सरी, आर्य पुरम, शक्ति पुरम, बलजीत एन्कलेव, प्रीतमपुरा, मंगलपुर गांव, बूढ़ाखेड़ा गांव, सेक्टर 32, नरसी विलेज और सोनी सिटी भी शमिल हैं। यहां बूढ़ाखेड़ा गांव से मंगलपुर और सेक्टर तक की सड़कों की हालत खस्ता है। कुंजपुरा रोड के साथ जाने वाली ड्रेन अभी तक कच्ची है। जिससे लोग परेशान हैं। वार्ड में 14 हजार से ज्यादा वोट और 30 हजार से ज्यादा जनसंख्या है।
वार्ड की प्रमुख समस्याएं-
- कोई बड़ा पार्क या सामुदायिक केंद्र नहीं है।
- अवैध कॉलोनियां पनप चुकी हैं जो अब तक नियमित नहीं हुईं।
- वार्ड से होकर गुजरने वाले नाले से फैल रही बदबू।
- कूड़ा उठान और सफाई न होने से फैली गंदगी।
- कई स्ट्रीट लाइटें बंद होने से छाया रहता है अंधेरा।
नाले से फैल रही गंदगी
गंदे पानी के नाले की बड़ी समस्या है। ये नाला कच्चा है। जो मुगल कैनाल से आता है। इसकी वजह से आसपास बदबूदार माहौल बना रहता है। संक्रमण के रोग और बीमारियां फैलने के साथ हादसों का भी डर बना रहता है।
- बहादुर सिंह, बूढ़ाखेड़ा
कूड़ा उठाने नहीं आती गाड़ी
कॉलोनी में सफाई कर्मी नहीं आते। कूड़ा उठाने वाली गाड़ी तक नहीं आती। जिसकी वजह से लोग आसपास ही कूड़ा डालने को मजबूर रहते हैं। स्ट्रीट लाइटें भी नहीं हैं, जिससे रात को परेशानी होती है।
- शकुंतला, बूढ़ाखेड़ा
घटिया सामग्री से बनाई सड़क
गांव की मुख्य सड़क घटिया सामग्री से बनाई गई जो आज बिल्कुल खराब है। कुछ गलियां आज तक कच्ची हैं। सड़क पर लाइटें भी कम जलती हैं, ज्यादातर समय लाइटें बंद ही रहती हैं। जिसकी वजह से लोगों को परेशानी होती है।
- रोबिन, मंगलपुर
दो पहिया चालक हो रहे चोटिल
पहले गांव की मुख्य सड़क बनाई। इसको उखाड़ कर सीवरेज लाइन बिछा दी। अब दोबारा सड़क बनाई जाएगी। टूटी सड़क के बीच में गैप ज्यादा होने से इसमें फंसकर दो पहिया वाहन चालक चोटिल हो रहे हैं।
- मेनपाल, वार्ड दो
आधी गलियां अभी कच्ची
ऊबड़-खाबड़ सड़क है, रात को स्ट्रीट लाइटें काम नहीं करतीं। सफाई कर्मचारी सफाई नहीं करते। आधी गलियां कच्ची पड़ी हैं। जो काम होते हैं वे गुणवत्तापूर्वक नहीं किए जाते हैं।
- देसराज, मंगलपुर
संक्रमण फैलने का डर
कॉलोनी में गंदगी का माहौल बना हुआ है। निगम यहां सफाई तक नहीं करा सकता। इससे संक्रमण के रोग फैलने का डर बना रहता है। लोगों को बदबूदार माहौल में जीना पड़ता है।
- पलविंद्र कौर, वार्ड दो
वार्ड में कोई बड़ा पार्क या सामुदायिक केंद्र नहीं है। कुछ कॉलोनियां बसी हैं, लेकिन वे नियमित नहीं हो सकीं। गंदे नाले का मुद्दा सबसे बड़ा है। अगर मौका मिला तो ये सब काम करवाकर लोगों को समर्पित किए जाएंगे।
- नवीन कुमार, वार्ड दो से प्रतिद्वंद्वी
10 साल में करीब 200 करोड़ के काम कराए हैं। अब वार्ड रिजर्व हुआ, इसलिए चुनाव नहीं लड़ रहा। वर्ना राजनीतिक मकसद माना जाएगा। अगर वार्ड रिजर्व न होता तो ड्रेन को पक्का करवाने का काम कराना था। कॉलोनियां नियमित कराईं, इनमें सड़कों की निविदाएं लगवाईं, लेकिन सड़क बनने से पहले सीवरेज-पानी की पाइपलाइन बिछवाने के लिए निविदाएं रद्द करवाए गए। ताकि बार-बार एक काम पर दो-दो बार रुपये खर्च न हों।
- बलविंद्र सिंह, निवर्तमान पार्षद