गांव प्योंत निवासी प्रियंका ने सीमित संसाधनों के बावजूद सिलाई और कढ़ाई के क्षेत्र में अलग पहचान बनाई है। उन्होंने केबीके से प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद संस्था की ओर से उपलब्ध कराई गई मशीन के सहारे गांव में ही अपना कार्य आरंभ किया। मेहनत रंग लाई और आज उनके पास प्रतिदिन सात से आठ ग्राहक आते हैं। प्रियंका के तीन बच्चे हैं। उन्होंने बताया कि परिवार की जिम्मेदारियों के बीच काम शुरू करना चुनौतीपूर्ण था। ससुर जोगीराम ने उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। पति ऋषिपाल मजदूरी करते हैं। प्रियंका अब प्रतिमाह 40 से 50 हजार रुपये तक की आय अर्जित कर रही हैं।