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Karnal News: तीसरी मंजिल से गिरकर प्रिंटिंग प्रेस कर्मी की मौत

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माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। मंगल काॅलोनी पार्ट-2 में शुक्रवार सुबह हादसे में तीसरी मंजिल से गिरने पर 24 वर्षीय सलेश की मौत हो गई। बिहार निवासी सलेश मंगल कॉलोनी में अपने भाइयों के साथ रह रहा था। प्रिंटिंग प्रेस में काम करता था।
परिजनों का कहना है कि सलेश रात की ड्यूटी पूरी कर सुबह करीब 3 बजे घर लौटा था। थकान के चलते सीधे छत पर सोने चला गया। वहीं, संतुलन बिगड़ने से वह नीचे आ गिरा। सुबह करीब 6 बजे परिजन ने उसे जमीन पर पड़ा देखा। हादसे के बाद परिजन किसी को सूचना दिए बिना शव का दाहसंस्कार करने की तैयारी में थे। इस बीच किसी ने पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम हाउस भेज दिया।
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परिजन ने कड़ा विरोध किया। कहा कि वे पोस्टमॉर्टम नहीं करवाना चाहते। उनका कहना था कि अंतिम संस्कार की सारी तैयारी कर ली थी लेकिन पुलिस ने उनकी इच्छा के खिलाफ शव को जबरन ऑटो में डलवाकर पोस्टमॉर्टम हाउस भेज दिया। पोस्टमॉर्टम कराने से रोकने के लिए परिजन ने वहां जमकर हंगामा भी किया। उनका कहना था कि यह स्पष्ट रूप से हादसा है और इसमें किसी जांच की जरूरत नहीं है।
पुलिस ने एफएसएल टीम को मौके पर बुलाया। टीम ने तीसरी मंजिल और आसपास का मुआयना कर साक्ष्य जुटाए। पूछताछ में सामने आया कि हादसे के समय सलेश अकेला ही छत पर था और वहीं से गिरा।
कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज के ट्रामा सेंटर में भी मृतक के परिजन ने हंगामा किया। परिजन इस बात पर अड़े रहे कि वे मृतक का पोस्टमार्टम नहीं होने देंगे। इसके बाद करीब 3 बजे पुलिस ने मृतक के परिजन से लिखित में लिया कि वे किसी प्रकार की कार्रवाई या शिकायत नहीं देना चाहते ओर न ही पोस्टमार्टम कराना चाहते। मृतक के परिजन ने लिख कर दे दिया। इसके बाद पुलिस ने शव परिजन को सौंप दिया।


सिटी थाना के सब इंस्पेक्टर नरेंद्र कुमार ने बताया कि युवक तीसरी मंजिल से गिरा था। उसकी मौत हो गई। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। पोस्टमॉर्टम कराना कानूनी रूप से जरूरी है ताकि मौत के सही कारण की पुष्टि हो सके। मृतक के परिजन इसका विरोध करते रहे, लेकिन उन्हें लगातार समझाया जाता रहा। जब वे नहीं माने और किसी भी प्रकार की कार्रवाई से इंकार करते रहे तो नियमानुसार परिजन से लिखित में लेकर शव उनको सौंप दिया गया।
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नाइट शिफ्ट में ही करता था काम



सलेश पास की एक प्रिंटिंग प्रेस में काम करता था। ज्यादातर नाइट शिफ्ट होती थी। दो भाई भी करनाल में रहते हैं। सलेश की शादी हो चुकी थी और वह एक छोटी बेटी का पिता था। परिवार के अधिकतर सदस्य बिहार में रहते हैं। अचानक हुई इस घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। परिजन ने कहा कि सलेश ही घर का सहारा था, उसके जाने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
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