गांव बाबा लदाना में दो पक्षों में एक महिला से छेड़छाड़ के बाद शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस विवाद में रविवार को कुम्हार बिरादरी के कई परिवारों ने अपना सामान बांधकर गांव से पलायन का निर्णय लिया। इन परिवारों ने अपना सामान वाहनों में लादना शुरू कर दिया था तभी मामले की सूचना प्रशासन को लग गई।
सीआईए इंचार्ज सत्यवान मौके पर पहुंचे। इसके बाद डीएसपी सुरेंद्र भौरिया तथा इसके तहसीलदार रोशन लाल भी गांव में पहुंचे और कुम्हार बिरारदी को समझा बुझाकर शांत किया। कुम्हार बिरादरी के भानू, भागा राम, रोशन लाल, सुभाष चंद, सुरेश कुमार, मेवा राम, रौनक राम, संदीप कुमार और रामदिया ने अधिकारियों को बताया कि गांव के एक समुदाय के दो युवकों ने उनके परिवार की महिलाओं से छेड़छाड़ की थी। इसके बाद आरोपियों ने उन्हें धमकी भी दी। आरोपियों के परिजनों ने उन्हें सुरक्षा का आश्वासन दिया था लेकिन 13 दिसंबर को कई लोगों ने उनके परिवारों पर हमला कर दिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि दूसरे समुदाय के कुछ लोगों ने उन पर हमला कर दिया था। हमले में कुम्हार बिरादरी के कई लोगों को चोटें आईं। उनके परिवार का जयभगवान आज भी पीजीआई में भर्ती है। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार करने के बजाय उन्हीं के खिलाफ धारा 326 के तहत केस दर्ज कर लिया तथा उनके छह लोगों को गिरफ्तार भी कर लिया। वहीं आरोपियों के खिलाफ दर्ज हत्या का प्रयास करने के मामले में अभी तक केवल एक आरोपी को ही गिरफ्तार किया है। बाकी आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। कुम्हार बिरादरी ने मांग की कि हत्या का प्रयास मामले में बाहर किए गए आरोपियों को इसी धारा के आरोप में गिरफ्तार किया जाए और कुम्हार बिरादरी के लोगों पर दर्ज केस वापस लिया जाए। साथ ही गांव में कुम्हार बिरादरी को सुरक्षा उपलब्ध करवाई जाए।
सीआईए को सौंपा मामला
कुम्हार बिरादरी के लोगों की शिकायतें सुनने के बाद डीएसपी सुरेंद्र भौरिया ने कहा कि अब इस मामले की जांच पुलिस थाने के बजाय सीआईए के माध्यम से होगी। यदि उन्हें कोई शिकायत है तो कानूनी दायरे में रहते हुए सभी शिकायतों को दूर किया जाएगा। आरोपियों को जल्द से गिरफ्तार किया जाएगा लेकिन निर्दोष लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी।
पलायन समाधान नहीं : डीएसपी
डीएसपी ने कहा कि पूरे मामले की जांच लोगों के सामने की जाएगी। जांच में सहयोग के लिए उन्होंने कुम्हार बिरादरी के चार लोगों की कमेटी बनाकर सारी जानकारी देने को कहा। उन्होंने निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिलवाया। वहीं तहसीलदार ने भी उन्हें पूर्ण सुरक्षा का आश्वासन दिया। तब जाकर लोगों ने पलायन न करने का फैसला लिया तथा वाहनों में लादे गए अपने सामान को उतरा। दोनों अधिकारियों ने कहा कि पलायन किसी समस्या का समाधान नहीं है। कानून के अनुसार मामले में कार्रवाई की जाएगी।