करनाल। ‘तेरे लिए ही मां मैं जन्नत से आई हूं, सच तो है ये है कि मां मैं तेरी ही परछाई हूं।’ इन पंक्तियों को आत्मसात करने में लगी है सेक्टर-7 निवासी प्रीति तनेजा। वह अपनी मां की मौत के बाद उनके सपने को पूरा करने के लिए दिन-रात मेहनत कर रही हैं। उन्होंने हाल ही में विश्व के सबसे ऊंचे मनाली-खरदुंगला मोटर रोड जो करीब 19 हजार फीट ऊंचा है, को साइकिल से तय कर कीर्तिमान रचा है। जीटी बेल्ट से यहां पहुंचने वाली वह पहली शख्स हैं। उन्होंने बताया कि करीब 600 किलोमीटर का यह सफर मात्र आठ दिनों में पूरा किया। अब अगला लक्ष्य माउंट एवरेस्ट के बेस वन को तय करना है।
साइकिल एडवेंचर्स ऑफ इंडिया की ओर से 26 जून से तीन जुलाई 2021 तक एमएलके 2.1 का आयोजन किया। इसमें शहर के सेक्टर 7 निवासी टेकचंद तनेजा की साइकिलिस्ट बेटी प्रीति तनेजा ने भी प्रतिभाग किया था। सफर 26 जून को मनाली से शुरू हुआ था और 3 जुलाई को खरदुंगला में समाप्त हुआ। जो रोहतांग, बारालाचला, तंगलागंला, नकीला, ला चुंगला समेत अन्य रास्तों से होकर गुजरते हुए करीब 14 हजार फीट ऊंचाई पर है। इस दौरान बर्फ व ओलावृष्टि और तूफानों के बीच लक्ष्य को पाया। प्रीति ने बताया कि उनका अगला लक्ष्य माउंट एवरेस्ट के बेस वन को तय करना है। इसके उसे प्रमाण पत्र प्राप्त हो गया है। घर लौटने के बाद वह काफी खुश दिखीं।
बातचीत में प्रीति ने बताया कि वह बचपन से ही साइकिलिंग कर रही हैं और उसकी मां का सपना था कि वह एक दिन साइकिल से सफर कर माउंट एवरेस्ट फतह करें लेकिन 2017 में कैंसर से उनकी मौत हो गई। इससे वह टूट गई थीं पर अपनी मां के सपने को पूरा करने के लिए हिम्मत जुटाकर उन्होंने फिर से साइकिलिंग शुरू की। इसके बाद विश्व के सबसे ऊंचे मोटर चलने योग्य रोड का सफर तय करने की ठानी और सफलता भी हासिल की। कहा कि वह अपनी मां कामाउंट एवरेस्ट को फतह करने का सपना जल्द पूरा करेंगी।
मां के बाद पिता ने किया प्रेरित
प्रीति ने बताया कि उसके परिवार में सरकारी विभाग से रिटायर्ड पिता, विवाहित बहन व भाई है। मां की मौत के बाद पिता ने उसे लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित किया। वह हर स्थिति में उसको प्रोत्साहित करतेे हैं। उसने बताया कि दुबई मेें स्काई ड्राइविंग, न्यूजीलैंड में स्कूबा व बग्गी जंपिंग भी की है। वहीं कई 300-400 किलोमीटर की बीआरएम (निर्धारित समय में दूरी तय करना) भी तय की है।