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आंगनबाड़ी वर्कर्स के साथ हुई सकारात्मक वार्ता, कुछ मुद्दों पर गतिरोध बरकरार

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आंगनबाड़ी वर्कर्स की तालमेल कमेटी की चंडीगढ़ सिविल सचिवालय में शनिवार को अधिकारियों के साथ हुई वार्ता बेनतीजा रही। कमेटी के पदाधिकारियों का दावा है कि वार्ता सकारात्मक रही, कई मुद्दों पर सहमति भी बनती दिखी। कुछ मुद्दोें पर असहमति के कारण गतिरोध बरकरार है। ऐसे में आंदोलन अभी जारी रहेगा। अधिकारियों ने 16 मार्च को वार्ता के लिए दोबारा बुलाया है। यदि तब भी समाधान नहीं निकला तो 19 मार्च को कलायत में प्रदेश स्तरीय महापंचायत करेंगे। इसमें आंदोलन को तेज करने की रणनीति बनाई जाएगी।
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तालमेल कमेटी के सदस्यों का कहना है कि 96 दिन से वर्कर्स हड़ताल पर चल रही हैं। कई बार सरकार और अधिकारियों से बातचीत हो चुकी है लेकिन समाधान नहीं निकला। वहीं करनाल में शनिवार को भी लघु सचिवालय के सामने धरना जारी रहा। जिला प्रधान रूपा राणा और सचिव बिजनेश राणा की अध्यक्षता में 11 वर्कर्स क्रमिक अनशन पर रही। उन्होंने बताया कि चंडीगढ़ में बातचीत के लिए कमेटी की अध्यक्ष देवेंद्री शर्मा, शकुंतला, कृष्णा, पुष्पा दलाल, जय भगवान और राजेंद्र सिंह गए थे। अनशन पर बेलपति, मोनिका, सुमित्रा, सुदेश, भतेरी, नीलम, सीता, सुनीता, रेखा, संतोष और दर्शना बैठी। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार वेतन बढ़ोतरी समेत अन्य सभी मांगे नहीं मानती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। सीटू नेता सतपाल सैनी, जगपाल राणा, ओपी माटा व सेवा राम ने कहा कि महिलाओं का जीवन आज सबसे बदतर स्थिति में है। बेरोजगारी और अल्प-रोजगार का उच्च स्तर महामारी से पहले के स्तर से भी बढ़ गया है और इसके परिणामस्वरूप नौकरी का भारी नुकसान और वेतन में कटौती, आय की हानि और गरीबी में वृद्धि हुई है। इस मौके पर ओपी माटा, कृष्ण निर्माण, रमेश शर्मा, रीना, कृष्ण शर्मा, जोगा सिंह, जगपाल राणा, मीनाक्षी, सुषमा शर्मा, सर्वेश राणा, सुमन लता, पूनम गगसीना, रीतू, सरोज, ममता, सुषमा कांबोज, उषा राणा और सुनीता मौजूद रहे। ब्यूरो
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सरकार हमारी मांगें नहीं मानना चाहती, तभी हर बार की वार्ता विफल रहती है। सरकार को समाधान निकालना चाहिए। - निशा रानी
हमारा आंदोलन कमजोर नहीं तेज हो रहा है। सरकार को अपना रवैया बदलना ही पड़ेगा। महिलाएं पीछे हटने वाली नहीं हैं। - रेखा
आंदोलन केवल हमारे हक की लड़ाई है। सरकार से कुछ नया नहीं पुरानी घोषणाओं को लागू करने की ही मांग कर रहे हैं। - संतोष
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