संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। दिवाली के बाद वायु प्रदूषण ने लोगों की तबीयत खराब कर दी है। चार दिन में 17 मरीजों को जिला नागरिक अस्पताल की इमरजेंसी में तुरंत ऑक्सीजन देने की जरूरत पड़ी। इनमें अधिकतर मरीज सांस लेने में और सीओपीडी दिक्कत, खांसी और एलर्जी जैसी समस्याओं से जूझ रहे थे।
टीबी व श्वास रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रदीप ने बताया कि प्रदूषण के कारण सांस के मरीजों की परेशानी लगातार बढ़ रही है। टीबी और श्वास रोग ओपीडी में मरीजों की संख्या रोजाना 130 से 140 तक पहुंच रही है, जिनमें से आधे से ज्यादा श्वसन संबंधी बीमारियों से पीड़ित हैं। उन्होंने बताया कि चार दिन बाद जब अस्पताल खुले तो ओपीडी में मरीजों की संख्या सामान्य दिनों के मुकाबले काफी अधिक रही। मरीजों को की कतार लगी रही। उनका कहना है कि प्रदूषण से अस्थमा, ब्रोंकाइटिस और फेफड़ों की पुरानी बीमारियों वाले मरीजों की स्थिति और गंभीर रोगी ओपीडी में आए। मेडिकल कॉलेज में भी स्थिति कुछ अलग नहीं रही। यहां भी सांस, एलर्जी और खांसी-जुकाम के मरीजों की संख्या बढ़ गई है।
वहीं, मेडिकल कॉलेज से श्वास रोग विशेषज्ञ डॉ. अभिनव डागर का कहना है कि ओपीडी में 70 से 80 मरीज श्वास रोग के आ रहे हैं। जिनमें ज्यादातर सीओपीडी यानी क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज के मरीज शामिल हैं। इनमें ज्यादातर नए मरीज शामिल हैं जो पटाखों के धुएं से परेशान होकर सांस लेने में दिक्क्त होने की वजह से इलाज के लिउए आ रहे हैं। श्वास रोग विशेषज्ञों को कहना है कि इस समय प्रदूषण के असर से बचने के लिए लोगों को सावधानियां जरूर बरतनी चाहिए क्योंकि पहला कारण तो दिवाली के कारण बढ़ता प्रदूषण है। वहीं, दूसरा बदलता मौसम है जिससे सांस रोगियों को बचाव करना चाहिए क्योंकि इससे वें अन्य रोगों जैसे खांसी, जुकाम और बुखार की चपेट में भी आ सकते हैं।
ये उपाय करें
-शाम को बाहर निकलने से बचना चाहिए।
- मास्क का प्रयोग करना चाहिए।
- हल्का गुनगुना पानी अधिक मात्रा में पीना चाहिए।
- एसी में नहीं रहना चाहिए।
- इनहेलर अपने पास रखें।