करनाल। हरियाणा में सभी 108 मार्केट कमेटियां एक साल से भंग हैं। गेहूं खरीद का सीजन तो बिना मार्केट कमेटी चेयरमैन, वाइस चेयरमैन व सदस्यों के ही निकल गया लेकिन अब एक बार फिर धान खरीद का सीजन करीब आ रहा है। मंडियों में गेहूं के सीजन में कई बार सरकार विरोधी नारे लगे हैं। किसान आंदोलन में भी अनाज मंडियां मुख्य मुद्दे में शामिल हैं।
ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि हरियाणा सरकार धान का सीजन शुरू होने से पहले अनाज मंडियों में अपनी मजबूत मौजूदगी सुनिश्चित करने के लिए मार्केट कमेटियों का गठन कर सकती है। इसे लेकर भाजपा हलके में भी हलचल बढ़ गई है। कई भाजपाइयों ने चेयरमैन पद पर दावेदारी के लिए अपने आवेदन भी भेजने शुरू कर दिए हैं। अभी इस मामले में कोई जनप्रतिनिधि कुछ बोलने को तैयार तो नहीं है लेकिन बताया जा रहा है कि क्षेत्रीय विधायकों के माध्यम से ही चेयरमैन, वाइस चेयरमैन आदि पदों के लिए नाम भेजे जाने हैं।
कमेटी में 19 लोग शामिल
मार्केट कमेटी का चेयरमैन, वाइस चेयरमैन किसान प्रतिनिधि होता है, किसानों में से ही एक होता है। इसमें कम से कम 12 किसान प्रतिनिधि शामिल किए जाते हैं। तीन आढ़तियों और एक श्रमिक प्रतिनिधि (तोलक), एक सहकारी समिति प्रतिनिधि को भी सदस्यता दी जाती है। कम से कम 19 लोगों की कमेटी बनाई जाती है। इस कमेटी का उद्देश्य अनाज मंडी में आने वाले किसानों को सुविधाएं प्रदान कराना, उनकी दिक्कतों का समाधान कराना, उनकी फसल को सरकारी भाव पर बिक्री कराना आदि होता है।
सरकार के पास अपने कार्यकर्ताओं का समायोजन का मौका
प्रदेश में जो भी सरकार होती है। अक्सर देखा गया है कि मार्केट कमेटी में जिस पार्टी की सरकार होती है, उसी पार्टी से जुड़े लोगों को कमेटी में जगह मिलती है। इसका फायदा यह होता है कि इसमें हजारों की संख्या में कार्यकर्ता समाहित हो जाते हैं। प्रदेश में 108 मंडिया हैं, यदि सभी में 19-19 कार्यकर्ता ही जोड़े जाएं तो प्रदेशभर में 2052 कार्यकर्ता जुड़ेंगे। दूसरा सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि अनाज मंडियों में सत्तारूढ़ पार्टी की सशक्त मौजूदगी दर्ज होती है।
कुंजपुरा मार्केट कमेटी के पूर्व चेयरमैन/भाजपा नेता ईलम सिंह ने बताया कि हरियाणा सरकार धान खरीद शुरू होने से पहले संभवत: मार्केट कमेटियों का गठन कर सकती है। इसी संभावना को देखते हुए प्रदेशभर से कई लोगों ने अपने-अपने आवेदन दिए हैं, क्योंकि मार्केट कमेटियों का कार्यकाल पूरा हुए एक साल हो गया है। उन्होंने बताया कि कई लोगों ने आवेदन दिए हैं लेकिन इस बार उन्होंने मार्केट कमेटी के चेयरमैन के लिए तो आवेदन नहीं दिया है लेकिन मार्केटिंग बोर्ड हरियाणा का चेयरमैन भी बनाया जाना है, इसलिए उन्होंने मार्केटिंग बोर्ड के चेयरमैन के लिए आवेदन प्रदेश पार्टी हाईकमान को दिया है।