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Karnal News: एंटीबायोटिक के निरंतर उपयोग से बढ़ रहीं मानव शरीर में बीमारियां

Sat, 29 Apr 2023 03:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
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करनाल। देश में एंटीबायोटिक दवाओं का उपयोग निरंतर बढ़ता जा रहा है, जो मानव शरीर में नई-नई बीमारियां पैदा कर रही है। ये विचार उन्होंने मेडिकल कालेज में माइक्रो बायोलॉजी विभाग की ओर से दो दिवसीय एंटी-माइक्रोबियल रेजिस्टेंस-एक टिकिंग टाइम बम थीम पर नार्थ-वेस्ट चेप्टर माइक्रोन-2023 सम्मेलन के शुभारंभ पर केसीजीएमसी के डायरेक्टर डॉ. जगदीश चंद्र दुरेजा ने व्यक्त किए। समारोह का शुभारंभ माइक्रोबायोलॉजी विभाग की अध्यक्ष डॉ. प्रेरणा अग्रवाल, असिस्टेंट प्रो. डॉ. दीपेंद्र सिंह, डॉ. आशिमा कत्याल, डॉ. विकास चंद्र यादव, डॉ. अनुपम बेरवाल व डॉ. सुनीते गंजू ने दीप प्रज्वलित कर किया।
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माइक्रो बायोलॉजी विभाग की अध्यक्ष डॉ. प्रेरणा अग्रवाल ने कहा कि एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस (एएमआर) एक वैश्विक खतरा है। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक एएमआर मानवता के सामने शीर्ष 10 वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य खतरों में से एक है। ये साफ पानी और स्वच्छता की कमी और अपर्याप्त संक्रमण रोकथाम और नियंत्रण रोगाणुओं के प्रसार को बढ़ावा देता है। इनमें से कुछ रोगाणु रोधी उपचार के लिए प्रतिरोधी हो सकते हैं। मृत्यु और विकलांगता के अलावा, लंबे समय तक बीमारी के परिणामस्वरूप लंबे समय तक अस्पताल में रहना पड़ता है। इसलिए प्रभावित लोगों के लिए अधिक महंगी दवाओं और वित्तीय चुनौतियों की आवश्यकता होती है। प्रभावी रोगाणु रोधकों के बिना, प्रमुख सर्जरी और कैंसर कीमोथेरेपी सहित किसी भी संक्रमण के इलाज में आधुनिक चिकित्सा की सफलता का खतरा बढ़ जाएगा। उन्होंने बताया कि दवा प्रतिरोध के परिणामस्वरूप, एंटीबायोटिक्स और अन्य रोगाणुरोधी दवाएं अप्रभावी हो जाती हैं और संक्रमण का इलाज करना मुश्किल या असंभव हो जाता है। कार्यशाला के दौरान अस्पतालों में शरीर में कौन सा बैक्टीरिया है और उसके लिए कौन सी एंटीबायोटिक कब और कैसे देनी है की भी विस्तृत जानकारी डॉक्टरों को दी गई। इस अवसर पर आदेश मेडिकल कॉलेज शाहाबाद से डॉ. अश्वनी मनहास, फोर्टिस अस्पताल नोएडा से डॉ. छवि गुप्ता, मेदांता गुरुग्राम से डॉ. विकास देशवाल, पारस अस्पताल गुरुग्राम से आकाश नील, केसीजीएमसी से डॉ. आशिमा कत्याल व अनुपम बेरवाल ने अपने विचार रखे। इस मौके पर नार्थ-वेस्ट चेप्टर माइक्रोन-2023 सम्मेलन हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, दिल्ली सहित अन्य कई राज्यों के डॉक्टरों ने मौजूद रहे।
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