माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। जिले में धान खरीद में असंध से 39.24 करोड़ रुपये के फर्जीवाड़े की शिकायत हुई है। आरोप है कि खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के निरीक्षक ने मंडी में फर्जी गेट पास काटकर इसे अंजाम दिया। जिन 112 गाड़ियों के गेटपास कटे हैं, उन्होंने मिल तक धान पहुंचाने के लिए कागजों में 570 चक्कर लगाए। हकीकत में ये गाड़ियां कहीं गई ही नहीं। क्योंकि ई-खरीद पोर्टल पर इनके गाड़ियों की जीपीएस लोकेशन और तय की गई दूरी शून्य दर्ज है। एसपी गंगाराम पूनिया ने बताया कि गेटपास और गाड़ियों की लोकेशन व रिकाॅर्ड की जांच की जाएगी।
एसपी ने बताया कि गेटपास और गाड़ियों की लोकेशन व रिकाॅर्ड की जांच के आधार पर ही पता चलेगा आरोप सही हैं या गलत। इधर, जिस निरीक्षक पर आरोप लगा है, उन्होंने आरोपों को निराधार बताते हुए जीपीएस लोकेशन न होने को तकनीकी खामी करार दिया है। खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री, उपायुक्त, एसपी और डीएफएससी के नाम भेजी शिकायत में गांव खराजपुर निवासी विकास शर्मा ने फर्जीवाड़े का आरोप लगाया था। इसमें कहा गया था कि अक्तूबर और नवंबर माह में धान खरीद के दौरान असंध अनाज मंडी के डीएफएससी निरीक्षक व अन्य अधिकारियों ने मिलीभगत करके कई गाड़ियों के फर्जी गेटपास तैयार किए। रिकाॅर्ड के अनुसार, मंडी से डीएफएससी की ओर से 32 मिलों को 17 लाख 15 हजार 555 कट्टे धान भेजा गया था। इसके लिए कुल 2217 एग्जिट गेट पास जारी किए गए। धान ढुलाई के लिए कुल 175 गाड़ियों का विभाग की ओर से इस्तेमाल किया गया।
उनका आरोप है कि ई-खरीद पोर्टल के रिकाॅर्ड के अनुसार 112 गाड़ियों के 570 चक्कर लगे ही नहीं। अधिकारियों ने इनके फर्जी गेटपास जारी किए हैं। क्योंकि पोर्टल के रिकाॅर्ड में इन गाड़ियों की जीपीएस लोकेशन और तय की गई दूरी शून्य दिखाई गई है। आरोप है कि दिखाए गए फर्जी 570 चक्करों में कुल 4,41,781 बैगों का गबन हुआ है यानी साढ़े 37 किलोग्राम प्रति बैग के हिसाब से 1,65,677 क्विंटल धान की गड़बड़ी हुई है। जिसकी एमएसपी 2,370 रुपये के हिसाब से 39.24 करोड़ रुपये के बनती है।
मैं हर जांच के लिए तैयार हूं। सभी गाड़ियों की फोटो और सीसीटीवी फुटेज भी हैं। जीपीएस लोकेशन या दूरी दर्ज न होना तकनीकी खामी हो सकती है। मंडी में किसी भी तरह का फर्जीवाड़ा नहीं हुआ है। - अमित कुमार, निरीक्षक, डीएफएससी असंध
उपायुक्त की ओर से अभी शिकायत मेरे पास नहीं आई है। यदि मुझे जांच के लिए भेजी जाएगी तो मामले की निष्पक्ष जांच करेंगे। - योगेश कुमार मेहता, एडीसी करनाल
अभी तक मेरे पास केवल शिकायत आई है। असंध के डीएसपी को जांच के लिए दी गई है। जांच के आधार पर ही बता पाएंगे आरोप सही हैं या नहीं। यदि फर्जीवाड़ा पाया गया तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। -गंगाराम पूनिया, एसपी करनाल