- कुछ कर्मियों ने बैरिकेड हटा आगे बढ़ने का प्रयास किया तो पुलिस ने वापस खदेड़ा
- सहकारी बैंकों में समायोजित करने और पे ग्रेड में बढ़ोतरी की मांग के लिए करनाल में जुटे प्रदेशभर के कर्मचारी
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। प्रदेशभर के प्राथमिक कृषि सहकारी समिति (पैक्स) के कर्मचारी अपनी लंबित मांगें पूरी कराने के लिए कर्ण पार्क में एकत्रित हुए। जहां से दोपहर एक बजे मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच किया। पुलिस ने मुख्यमंत्री आवास से कुछ दूर पहले ही बैरिकेड लगा दिए जिससे कर्मचारियों की पुलिस से नोकझोंक हो गई। कुछ कर्मचारियों ने बैरिकेड हटाकर आगे बढ़ने का प्रयास किया मगर पुलिस ने हल्का बल प्रयोग करते हुए उन्हें पीछे धकेल दिया। इसके बाद कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपा, जिसमें चार जनवरी को मुख्यमंत्री के साथ प्रतिनिधिमंडल की वार्ता कराने का आश्वासन दिया गया।
बुधवार को प्रदेशभर के पैक्स कर्मचारी सुबह 10 बजे से कर्ण पार्क में जुटना शुरू हो गए थे। यहां कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल ने बैठक की। इस दौरान कर्मचारियों ने दो घंटे तक सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें कृषि सहकारी समितियों में कार्य करते हुए लगभग 30 से 32 वर्ष हो चुके हैं, लेकिन अभी तक केवल 32 हजार रुपये मासिक वेतन दिया जाता है। यह वेतन भी समिति के खाते में जमा राशि के ब्याज से दिया जाता है। उनके वेतन का सरकार पर कोई अतिरिक्त भार नहीं है। पैक्स कर्मचारियों को मासिक वेतन के अलावा कोई अतिरिक्त शुल्क या भत्ता नहीं दिया जाता। कर्मचारियों ने बताया कि उनकी राज्यव्यापी हड़ताल 19 दिसंबर से चल रही है, जो कि आठ जनवरी तक जारी रहेगी। इस मौके पर राज्यनेता कुलदीप राणा, करनाल जिला प्रधान जसबीर सिंह, सुल्तान, जयपाल, देवेंद्र, सुभाष, सुनील व सर्वकर्मचारी संघ के सचिव सेवा आदि मौजूद रहे।
भविष्य में आंदोलन होगा तेज
सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान सुशील गुर्जर ने पैक्स कर्मचारियों का समर्थन करते हुए कहा कि पैक्स कर्मचारियों के साथ किसानों तथा गांव की जनता का सीधा सरोकार है। यदि सरकार इन कर्मचारियों को दुखी करती है तो वह आगामी 2024 के लोकसभा व विधानसभा चुनाव में अपने पैरो पर खुद कुल्हाडी मारने का काम कर रही है। भविष्य में यहीं कर्मचारी सरकार की हार का मुख्य कारण बन सकते है। सुशील गुर्जर ने सरकार को दो टूक चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रदेश सरकार पैक्स कर्मचारियों की लंबित मुख्य दो मांगो को भी पूरा नहीं करती है तो कर्मचारियों का आंदोलन भविष्य में तेज होगा जिसकी जिम्मेवार सरकार स्वयं होगी। सर्व कर्मचारी संघ पैक्स कर्मचारियों का समर्थन करते हुए प्रदेश सरकार का बहिष्कार करेगा। इस समय प्रदेशभर का कर्मचारी वर्ग सरकार की दमकारी नीतियों से काफी दुखी है।
यह हैं मांगें
- पैक्स कर्मचारियों के पे-ग्रेड में बढ़ोत्तरी की जाए।
- कर्मचारियों को सहकारी बैंकों में समायोजित किया जाए।
- सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट को लागू किया जाए।
- कर्मचारियों की पदोन्नति के लिए पांच वर्ष का अनुभव रखा जाए।
- पैक्स कर्मचारियों को ग्रेच्युटी का लाभ सेवा नियम के अनुसार दिया जाए।
पैक्स कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोत्तरी के लिए 2018, 2019 व 2020 में तीन बार सरकार की ओर से घोषणाएं की गईं, लेकिन उनकी अधिसूचना आज तक जारी नहीं की गई है। इस बात से कर्मचारियों में भारी रोष है। वह सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करने को मजबूर हैं।
- बादल सिंह
वर्तमान में महंगाई तो दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है। कर्मचारियों की परिवार की जिम्मेवारी बढ़ने के कारण घरेलू खर्चे भी बढ़ रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से कर्मचारियों का वेतन नहीं बढ़ाया जा रहा है। ऐसे में कर्मचारी प्रदेश सरकार के शोषण व दमनकारी नीतियों का शिकार हो रहे हैं।
- सुरेंद्र सिंह