फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पुलिस की जांच कमेटी पर महिला आयोग की नजर

Fri, 21 Aug 2015 12:43 AM IST
करनाल/ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन
मधुबन पुलिस कांप्लेक्स के अधिकारियों से तंग आकर आत्महत्या का प्रयास करने वाली खिलाड़ी सिपाही अनीता के मामले में गठित की गई जांच कमेटी पर केवल पीड़िता और आरोपियों की नजर नहीं है, बल्कि खुद राष्ट्रीय महिला आयोग इस पर संज्ञान लिए हुए है। महिला आयोग इस मामले से जुड़ी पल पल की जानकारी ले रहा है, साथ ही मीडिया की खबरों के आधार पर रिकार्ड भी एकत्रित कर रहा है। आयोग का मानना है कि पहले वे पुलिस की जांच रिपोर्ट देखेंगे, अगर रिपोर्ट निष्पक्ष होती है तो ठीक है, अगर कहीं पक्षपात लगता है तो वे खुद इस मामले को देखेंगे। वीरवार को राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य रेखा शर्मा ने अमर उजाला से बातचीत में यह खुलासा किया। उन्होंने पीड़िता को इंसाफ दिलवाने की वकालत की। रेखा शर्मा ने कहा कि पूरा मामला आयोग के संज्ञान में है और इसे कतई भी हलके में नहीं लिया जा सकता। आयोग की सदस्य रेखा शर्मा ने कहा कि जांच कमेटी में काबिल अफसर हैं। अधिकारियों के खिलाफ सही जांच न होने के सवाल पर रेखा शर्मा ने जवाब दिया कि सभी पुलिस अधिकारी एक जैसे नहीं होते। जांच कमेटी की रिपोर्ट पर पूरी नजर रखे हुए हैं। जांच कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद भी आगामी कदम उठाया जाएगा। यदि जांच रिपोर्ट में कुछ संदेह हुआ तो क्लीयर है कि आयोग रिपोर्ट की जांच करवाएगा। महिला के साथ होने वाले अत्याचारों को सहन नहीं किया जाएगा। मधुबन में महिला पुलिस कर्मियों को प्रताड़ित करने का मामला बड़ा है। बता दें कि थ्रोबॉल की राष्ट्रीय खिलाड़ी महिला सिपाही अनीता ने एसपी रामकुमार, हेड क्लर्क व रीडर के रैवये से तंग आकर फिनाइल पीकर आत्महत्या करने का प्रयास किया था। अनीता द्वारा आवाज उठाने पर छह महिला खिलाड़ी भी पीड़िता के साथ आ गई हैं। दबाव के चलते डीजीपी ने आईजी की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय जांच कमेटी बनाई। आईजी डॉ. सुमन मंजरी को अनीता सहित छह महिला खिलाड़ियों ने बयान दर्ज करवाएं हैं। मधुबन में पुलिस अधिकारियों के रवैये के खिलाफ महिला पुलिस कर्मी अनीता, रचना, मोनिका, मीना, कविता, ज्योति, चेतना बयान दर्ज करवा चुकी हैं। 
विज्ञापन

आज अनीता फिर पेश होगी कमेटी के सामनेशुक्रवार को अनीता एक बार फिर से जांच कमेटी के सामने पेश होगी। बुधवार को अनीता ने बयान तो दर्ज कराए थे, लेकिन तबीयत खराब होने के कारण उसे दोबारा से 21 अगस्त को बुलाया गया था। आईजी डॉ. सुमन मंजरी पूरे मामले को देख रही हैं। अनीता का कहना है कि वह अपने बयानों और आरोपों पर अडिग है, अब उसे न्याय चाहिए। उसे कमेटी पर भरोसा है, अगर न्याय नहीं मिला तो वह महिला आयोग और अदालत जाएंगी।  मधुबन मामले में अंडर इंटरनल कमीशन इंक्वायरी चल रही है, इसके लिए आईजी स्तर की महिला अधिकारी को लगाया गया है। जरूरत पड़ी तो आयोग भी इस मामले में दखल दे सकता है। -रेखा शर्मा, राष्ट्रीय महिला आयोग सदस्य।
मधुबन कांप्लेक्स में सिपाही लड़की द्वारा सुसाइड मामले की न्यायिक जांच होनी चाहिए। न्यायिक जांच के बिना जांच प्रभावित होने का डर रहता है। प्रदेश में बेटियां बचाने की बात कही जा रही हैं, लेकिन पुलिस में ही बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। अशोक तंवर, प्रदेशाध्यक्ष, कांग्रेस
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें