हाईप्रोफाइल सामूहिक दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग प्रकरण में गिरफ्तार दंपती को अदालत ने एक दिन के सशर्त पुलिस रिमांड पर भेजा है। हालांकि, पुलिस ने दो दिन का रिमांड मांगा था। इससे पहले करीब एक घंटे तक दोनों पक्षों में तीखी बहस हुई और दोनों पक्षों ने अपनी दलीलें रखी। तमाम तथ्य और दलीलों को सुनने के बाद जेएमआईसी एके यादव की अदालत ने एक दिन का रिमांड मंजूर किया। महिला पक्ष की ओर से आपत्ति दर्ज कराई गई कि रिमांड अवधि के दौरान पुलिस महिला पर दबाव बनाकर गलत सबूत तैयार कर सकती है। इस पर अदालत ने पुलिस की निष्पक्ष कार्रवाई के लिए महिला पक्ष के वकील का सहयोगी वकील राहुल बाली को रिमांड अवधि के दौरान महिला के साथ रहने का निर्देश दिया। एडवोकेट बाली केवल पुलिस की जांच देख सकेंगे, उसमें बाधा नहीं डाल सकेंगे।
दोपहर एक बजे सिविल लाइन थाना पुलिस की ओर से महिला और उसके पति को अदालत में पेश किया गया और अदालत से दो दिन का पुलिस रिमांड मांगा गया। इधर, महिला की तरफ से उनके वकील विनय बंसल के बीमार होने पर बार एसोसिएशन के पूर्व जिला प्रधान व बार काउंसिल के मेंबर सीनियर एडवोकेट भूपेंद्र सिंह राठौड़ अदालत में पेश हुए। वहीं, अजय भाटिया पक्ष की ओर से दीपक वढेरा पेश हुए। पुलिस की तरफ से कहा गया कि महिला ने माना है कि उसने छह लाख रुपये पहले लिये हैं और वे घर पर रखे हैं। पैसे की बरामदगी के लिए रिमांड जरूरी है। एडवोकेट राठौड़ ने इस पर ऐतराज जताया और कहा कि पुलिस पहले ही गलत तरीके से महिला को कुरुक्षेत्र ले जाकर उसके घर जांच कर चुकी है, लेकिन उसे कोई पैसा बरामद नहीं हुआ।
साथ ही राठौड़ ने अदालत से ये भी कहा कि यह मामला हाईकोर्ट में डाला गया है कृपया इस पर फैसला न दें। अदालत ने यह दलील मानने से इनकार करते हुए कहा कि अगर आपके पास स्टे या कोई और ऑर्डर है तो दिखाएं। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अदालत ने एक दिन का रिमांड मंजूर कर लिया।
विदित हो कि महिला ने अजय भाटिया, प्रिंसिपल पूनम नेवट और तहसीलदार राजबख्श पर सामूहिक दुष्कर्म का केस दर्ज करा रखा है। आरोप है कि इसी मामले में अजय भाटिया को महिला ब्लैकमेल करने लगी और पैसे की डिमांड की। दावा है कि भाटिया की तरफ से 6 लाख रुपये पहले दिये जा चुके थे। बावजूद इसके महिला और पैसे की डिमांड कर रही थी। इस पर भाटिया ने सिविल लाइन थाना पुलिस को शिकायत दी। 21 अगस्त को महिला और उसके पति को सवा सात लाख रुपये के साथ गिरफ्तार कर लिया गया। अगले दिन 22 अगस्त को दोनों को अदालत में पेश किया गया, जहां पुलिस ने दो दिन का रिमांड मांगा, लेकिन अदालत ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।
अगली सुनवाई 5 सितंबर को
इस मामले में सुनवाई की अगली तिथि 5 सितंबर तय की गई है। हालांकि, मंगलवार को रिमांड पूरा होने के बाद दोबारा से महिला और उसके पति को अदालत में पेश किया जाएगा। इससे पहले पुलिस महिला से उसके लैपटाप की बरामदगी की भी कोशिश करेगी।