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तस्करी रोकने के लिए पुलिस ने बनाई रणनीति

Wed, 19 Mar 2014 11:21 PM IST
अमर उजाला करनाल
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करनाल। लोकसभा चुनाव के संबंध में बुधवार को उत्तरप्रदेश और हरियाणा पुलिस दोनों राज्यों के आला अधिकारियों की करनाल में कर्ण लेक पर बैठक हुई। इसमें लोकसभा चुनाव में तस्करी रोकने के लिए योजना का खाका तैयार हुआ। इस दौरान अधिकारियों ने तस्करी और अन्य गंभीर मुद्दों के संबंध में रणनीति बनाई। इन मुद्दाें में दोनों राज्यों में तस्करी, हरियाणा से सस्ती देसी शराब को उत्तरप्रदेश में महंगे दामों में बेचने का मामला, वध के लिए गायों को उस पार ले जाना या फिर उत्तरप्रदेश से अवैध हथियारों की हरियाणा में तस्करी का मामला शामिल है  
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इस बैठक में हरियाणा से रोहतक कमिश्नरी के आयुक्त ए चंद्रप्रकाश, आईजी करनाल रेंज बलबीर सिंह, डीसी यमुनानगर मंदीप सिंह बराड़, एसपी यमुनानगर शशांक आनंद, एडीसी करनाल गिरीश अरोड़ा, एडीसी पानीपत आरएस वर्मा व डीएसपी करनाल राजकुमार शामिल हुए। उत्तरप्रदेश से एसपी सिटी सहारनपुर पूनम, एसडीएम कैराणा सुरेश चंद मिश्रा और डीएसपी कैराणा घनश्याम सिंह मौजूद रहे।
चुनाव के चलते चौकसी बढ़ाने की तैयारी
आईजी बलबीर सिंह ने बताया कि दोनों राज्यों में एक साथ 10 अप्रैल को लोकसभा चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से हों और एक राज्य से दूसरे राज्य में कोई शरारती तत्व न घुसे, हथियारों या फिर शराब की तस्करी न हो। इसके लिए दोनों राज्यों की पुलिस मिलकर योजना बना रही है। उन्होंने माना कि दोनों राज्यों की ओर से तस्करी को रोकने के लिए सख्त प्रबंध करने की जरूरत है। यह तय हुआ कि चुनाव के दौरान आपस में कम्यूनिकेशन और लायजनिंग बनाए रखेंगे।
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अवैध असलाह बनाने वाली फैक्टरियां पकड़ी
सहारनपुर सिटी की एसपी पूनम ने माना कि तस्करी का बड़ा जाल दोनों राज्यों के बीच बिछा हुआ है। कच्चे-पक्के रास्तों पर 12 बैरिकेट और 18 स्थायी पिकेट्स बनाए गए हैं। ऐसे संवेदनशील बिंदुओं की पहचान की जा रही है, जहां से तस्करी को अंजाम दिया जाता है। गोकशी के लिए गायोें की तस्करी रोकना प्राथमिकता पर है। उन्होंने कहा कि उत्तरप्रदेश से हरियाणा में अवैध असलाह सप्लाई होता है। इसे रोकने के लिए कई असलाह बनाने वाली कई फैक्टरियां सील कर दी गई हैं। कैराणा में स्लाटर हाउस से पहले स्थायी चेकिंग शुरू कर दी गई है ताकि गायों का वध रोका जा सके।
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