संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। जिले में हुए 18.92 करोड़ रुपये के धान घोटाले में पुलिस ने अलग-अलग थानों में छह प्राथमिकी दर्ज की हैं। घोटाले में शामिल आठ राइस मिलर्स में अभी तक जिला पुलिस केवल दो को ही पकड़ पाई है। छह मिलर्स अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।
पुलिस का दावा है कि वह लगातार दबिश दे रहे हैं। लेकिन मिलर्स नहीं मिल रहे हैं। इसके अलावा फर्जी गेटपास मामले में सीआईए टू तीन कर्मचारियों की गिरफ्तारी कर चुकी है। जिन दो मिलर्स शीशपाल और सुनील गोयल को असंध थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है, उनसे भी कुछ बरामद नहीं कर पाई है। असली गड़बड़ी करने वाले आरोपी पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं। वो अपनी मिलों में धान की जगह चावल पूरा करने के लिए प्रयासरत है। ताकि दोबारा भौतिक सत्यापन में धान के स्थान पर चावल दिखाया जा सके। लेकिन यह चावल यूपी और बिहार से सस्ते रेट का है।
9.25 करोड़ के धान घोटाले में बरामदगी नहीं
असंध में राधे राधे और अग्रवाल राइस मिल में 9.25 करोड़ रुपये का धान घोटाला हुआ। असंध क्षेत्र के दो राइस मिलों की जांच में 3,3052 क्विंटल की कमी पाई गई। जिसकी कीमत खर्च सहित लगभग 9.25 करोड़ रुपये है। इस मामले में असंध पुलिस ने एक आरोपी मिलर शीशपाल और सुनील गोयल को गिरफ्तार किया था। लेकिन बरामद कुछ नहीं हो पाया। आरोपी मिलर तरसेम पुलिस गिरफ्त से बाहर है।
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2.31 करोड़ के घोटाले में कोई गिरफ्तार नहीं
इंद्री के नन्हेड़ा रोड पर एएस राइस मिल में सरकार की ओर से अलॉट किए धान में से 976.575 मीट्रिक टन धान कम पाया गया। इसकी कीमत लगभग 2 करोड़ 31 लाख 35 हजार 62 रुपये है। इंद्री थाना पुलिस ने मिल के मालिक अशोक कुमार और संजय कुमार के खिलाफ धान गबन का केस दर्ज किया गया था। लेकिन अभी दोनों पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं।