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Karnal News: धान लेकर हरियाणा में घुसने का प्रयास कर रहे उत्तर प्रदेश के किसानों, ट्रक कर्मियों को पुलिस ने खदेड़ा

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धान लेकर हरियाणा में घुसने का प्रयास कर रहे उत्तर प्रदेश के किसानों, ट्रक कर्मियों को पुलिस ने
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- पांच ट्रकों को बडौली पुल से लौटाया, लगाया जाम, हंगामा
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। जिला प्रशासन ने उत्तर प्रदेश की सीमा से हरियाणा में धान लाने पर प्रतिबंध लगाया है। जिसके तहत यमुना के बडौली पुल पर मंगलौरा पुलिस चौकी का नाका है। मंगलवार दोपहर बाद करीब तीन बजे धान से भरे पांच ट्रकों को जबरन हरियाणा की सीमा में लाने का प्रयास किया गया। जिन्हें पुलिस ने रोका तो ट्रक कर्मियों व उसके साथ आए यूपी के किसानों ने विरोध शुरू कर दिया और ट्रकों को सड़क पर लगाकर जाम लगा दिया। नोकझोंक के बाद पुलिस ने किसानों व ट्रक कर्मियों को वहां से खदेड़ कर पांचों ट्रकों को वापस लौटा दिया।
मेरठ रोड के जरिये हरियाणा में प्रवेश का जो रास्ता है, वह यमुना के बडौली पुल से है, जहां करनाल जिले के मधुबन थाने की मंगलौरा पुलिस चौकी है। यूपी व अन्य पड़ोसी राज्यों से पीआर धान (मोटा धान) हरियाणा में लाने पर पहले से रोक थी, लेकिन करनाल जिला प्रशासन ने इस बार सप्ताहभर पहले ही 1509, 1121 आदि बारीक धान को भी हरियाणा की सीमा पर लाने पर पाबंदी लगा दी है, हालांकि बारीक धान मंडियों में बिक रहा है, जो हरियाणा के किसानों का है। जिससे यूपी की सीमा पर दर्जनों ट्रक व ट्रैक्टर ट्रालियां फंस गए हैं, जो हरियाणा की मंडियों में धान बेचना चाहते हैं। जिससे सीमा पर जाम की स्थिति बन रही है। जिला प्रशासन को शक है कि ये धान व्यापारियों द्वारा यूपी में सस्ता खरीदकर लाया जा रहा है, जिसे हरियाणा की मंडियों में बेचा जाएगा। जिससे हरियाणा के किसानों को नुकसान पहुंचेगा।
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मंगलवार को सीमा पर कई दिनों से खड़े किसानों व पांच ट्रक कर्मियों ने हरियाणा की सीमा में दाखिल होने का प्रयास किया तो पुलिस ने उन्हें सख्ती से रोका, लेकिन जब वह नहीं रुके तो हल्का बल प्रयोग करना पड़ा और किसानों व ट्रक कर्मियों को वापस खदेड़ दिया। काफी देर तक किसानों ने यहां हंगामा किया और हरियाणा सरकार व करनाल जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। धान से भरे इन ट्रकों को आसपास के ढाबों पर खड़ा कर दिया गया।
बता दें कि रविवार की रात्रि को भी धान से भरे वाहनों के हाईवे पर खड़ा होने से मेरठ-करनाल हाईवे पर जाम लग गया था। मेरठ-करनाल हाईवे का जाम खुलवाने के लिए झिंझाना के गाडीवाला चौराहा से रूट डाइवर्ट करना पड़ा था, लेकिन मंगलवार को जब हाईवे पर जाम की स्थिति बनी तो पुलिस ने धान से भरे वाहनों को हटवा दिया था। रोड से तो वाहन हट गए, लेकिन इन्हें आसपास के किनारे ढाबों के सामने लगा दिया गया, जिससे मुख्य मार्ग संकरा हो जाने से परेशानी हो रही है।
धान से भरे पांच ट्रक आ रहे थे, जिन्हें मंगलौरा चौकी पुलिस ने बडौली सीमा पर रोका तो उन्होंने विरोध शुरू कर दिया। नोकझोंक होने लगी, लेकिन उन्हें सख्ती से रोक दिया गया और ट्रकों को फिर उत्तर प्रदेश की सीमा में वापस कर दिया गया है।
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- विनोद कुमार, एसएचओ, थाना मधुबन
जिस धान को एमएसपी पर नहीं खरीदा जा रहा है, उस धान को हरियाणा में आने से क्यों रोका जा रहा है। ये हरियाणा सरकार का मनमाना और व्यापारी-किसान विरोधी कदम है। 1509, 1121 आदि धान को राइस मिलर्स खरीदते हैं, करनाल सहित कई जिलों में चावल का बड़ा कारोबार है, चावल निर्यात भी किया जाता है। धान नहीं आएगा तो कारोबार कैसे होगा। सरकार को राजस्व कैसे मिलेगा।
- रजनीश चौधरी, चेयरमैन-हरियाणा अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन
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