सैयद छपरा गांव में इमामबाड़े के गेट के मामले वीरवार दोपहर को हुआ विवाद वोटों की राजनीति का रूप ले चुका है। झगड़ा सरपंच चुनाव से जुड़ा बताते हुए पूर्व सरपंच के परिवार ने वर्तमान सरपंच के परिजन पर हमले का आरोप लगाया है। गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है।
वीरवार को हुए पथराव में घायल सात लोगों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। किसी भी पक्ष की ओर से पुलिस को शिकायत नहीं दी गई है। पुलिस कार्रवाई के लिए शिकायत का इंतजार कर रही है।
पूर्व सरपंच चश्मे जैयरा के ससुर अली अब्बास ने बताया कि विवाद का केंद्र बने गेट का अस्तित्व कभी स्थायी नहीं था। इमामबाड़े के पुनर्निर्माण के दौरान पीछे के निकटवर्ती रास्ते से निर्माण सामग्री लाने के लिए एक खिड़की को अस्थायी रूप से गेट का आकार दिया गया था। कार्य समाप्ति के बाद इसे बंद करना था। कुछ माह पूर्व भी गेट बंद करने पर विवाद हुआ था, जब इंद्री थाना प्रभारी ने गांव पहुंचकर ताला लगाया था। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरपंच के परिजन अपनी सुविधा के लिए ताला तोड़कर इसका उपयोग कर रहे हैं। वीरवार को गेट बंद करने का प्रयास करने पर उन्होंने मारपीट शुरू कर दी। अब्बास का दावा है कि गांव के अधिकांश लोग गेट बंद करने के पक्ष में हैं।
दूसरी ओर गांव के लोगों ने बताया कि मूल मुद्दा सरपंच चुनाव है। दोनों पक्ष रिश्तेदार हैं। गेट मात्र बहाना है। गेट के खुले रहने या बंद होने से किसी को कोई फर्क नहीं है। दोनों पक्ष इसे प्रतिष्ठा का प्रश्न बना चुके हैं। घटना में घायलों को बेहतर इलाज के लिए करनाल रेफर किया गया है।
ब्याना पुलिस चौकी प्रभारी रोहित ने बताया कि गांव में शांति बनी हुई है। मेडिकल रिपोर्ट आने पर मामला दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।