करनाल। सड़क हादसों को रोकने के लिए पुलिस सतर्क हो गई है और इसके लिए अभियान शुरू कर दिया गया है। जिला पुलिस ने मंगलवार को सड़क सुरक्षा के तहत वाहन चालक, विद्यार्थियों सहित अन्य वाहन चालकों को यातायात के नियम बताए और उन्हें सचेत किया। अमर उजाला की ओर से हादसों की दास्तां आप लें सबक के तहत 12 सितंबर से लगातार खबर प्रकाशित की गई थी। इस अभियान में उन लोगों ने अपनी दर्द भरी दास्तां बताई, जिन्होंने हादसों के कारण अपनों को खोया है।
बताया हेलमेट कितना जरूरी है
पुलिस की टीमें अलग-अलग स्कूलों के गेट पर पहुंची। जहां छुट्टी होने पर विद्यार्थी अपने दो पहिया वाहन लेकर स्कूल से बाहर निकले। इसी दौरान पुलिस की टीमों ने विद्यार्थियों को बताया कि दो पहिया वाहन चलाते समय हेलमेट बहुत जरूरी है। हेलमेट चालान से ही नहीं बल्कि हमारी जान भी बचाता है। इसलिए हेलमेट को चालान से बचने के लिए ही नहीं जान बचाने के लिए भी पहनना जरूरी है। वहीं पुलिस ने यह भी बताया कि बिना ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन नहीं चलाना है। वाहन चलाते हुए यातायात के नियमों का पालन करना है।
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विद्यार्थियों के परिजनों से भी की बात
स्कूल के बाहर जो विद्यार्थी बिना हेलमेट के वाहन चलाते पाए गए और जिनके पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं पाया गया तो पुलिस के अधिकारियों ने उन विद्यार्थियों के परिजनों से फोन पर बात की और उन्हें भी बताया कि अपने बच्चों को बिना हेलमेट और बिना ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन चलाने के लिए न दें। साथ ही दो पहिया वाहन पर दो से अधिक व्यक्ति न बैठें।
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ऑटो में ठूंसे थे विद्यार्थी
इससे अलग स्कूल के बाहर कुछ ऐसे ऑटो चालक भी मिले, जिनमें क्षमता से अधिक विद्यार्थियों को बैठाया था। उनके बैग को ऑटो से बाहर लटकाया था। कुछ ऑटो में छोटे बच्चे आगे साइड की सीटों पर बैठे थे। ऐसे ऑटो को रुकवाकर पुलिस अधिकारियों ने उन्हें समझाया कि यह गलत है। उन्हें चेतावनी देकर छोड़ दिया गया। इतना ही नहीं कुछ ई-रिक्शा में भी क्षमता से अधिक विद्यार्थी बैठे पाए गए। पुलिस अधिकारियों ने अभिभावकों से भी अपील करते हुए कहा कि वह अपने बच्चों की जान जोखिम में न डालें। ऐसे ऑटो में अपने बच्चों को स्कूल न भेजें।
वर्जन
यातायात नियमों का पालन बेहद जरूरी है। यातायात नियमों का पालन करके ही हादसों को कम किया जा सकता है। इसलिए पुलिस द्वारा अभियान चलाकर वाहन चालकों को जागरूक किया गया है। पुलिस की ओर से समय-समय पर लोगों को यातायात नियमों के बारे में जागरूक किया जाता है।
मोहित हांडा, एसपी करनाल