रिफाइनरी की पाइप लाइन से डीजल चोरी करने के मामले में मुख्य आरोपी
नरेंद्र मलिक पुलिस गिरफ्त से बाहर है। रिमांड पर चल रहे आरोपी शिवचरण की
निशानदेही पर मुख्य आरोपी नरेंद्र मलिक को पकड़ने के लिए पुलिस ने दिल्ली,
राजस्थान व घरौंडा में कई जगह छापेमारी की, लेकिन आरोपी पकड़ में नहीं आया।
रिमांड पूरा होने पर सीआईए टू ने आरोपी शिवचरण को शुक्रवार को अक्षय चौधरी
की अदालत में पेश कर जिला जेल भेज दिया है। पानीपत रिफाइनरी से सुरंग
खोदकर डीजल चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने 12 अगस्त
को तीन आरोपियों को काबू किया था। पुलिस की गिरफ्त में आए शेखपुरा निवासी
शिवचरण, अलीपुर खालसा निवासी रामनिवास व कोहंड निवासी राजेश को अदालत में
पेश कर पांच दिन के रिमांड पर लिया गया था।
बदमाशों ने रिफाइनरी से करीब 10
टैंकर डीजल के चोरी किए थे। सीआईए टू ने रिमांड पर लेने के बाद पुलिस ने
आरोपियों की निशानदेही पर राजस्थान के बादरा जिले के कर्णपुरा गांव से
टैंकर को बरामद किया है। टैंकर में करीब नौ हजार लीटर डीजल मिला था। इस
गिरोह के एक अन्य साथी सुनील निवासी सोनीपत को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से
भी 2400 लीटर डीजल बरामद किया था। पूछताछ करने पर यह बात भी सामने आई थी कि
इस गिरोह के मुख्य सरगना सोनीपत के भैंसवाल निवासी नरेंद्र मलिक ने अपने
अन्य साथियों के साथ मिलकर डीजल को राजस्थान व दिल्ली में कई जगह बेचा है।
नरेंद्र मलिक ने ही रिफाइनरी से सुरंग खुदवाकर ढाबे तक पाइप लाइन बिछवाई
थी। इस बात का खुलासा शिवचरण को रिमांड पर लेने के बाद हुआ है। पुलिस ने
शिवचरण को साथ ले जाकर दिल्ली, राजस्थान व घरौंडा में छापामारी की थी।
लेकिन उनका कुछ पता नहीं चला।