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Karnal News: नाले और पार्क की जमीन पर काटे प्लॉट, 19 पर प्राथमिकी

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माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। सेक्टर-36 के डीआरपी एन्क्लेव में नाले और पार्क की जमीन पर कॉलोनाइजर की ओर से प्लॉट काटकर बेचने का मामला सामने आया है। सेक्टर-32 थाना पुलिस ने रोहतक के कॉलोनाइजर के परिवार समेत 19 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
पुलिस को दी शिकायत में सेक्टर-36 डीआरपी एन्क्लेव निवासी रणदीप लाठर, जितेंद्र और अन्य लोगों का आरोप है कि सतबीर सिंह पूनिया, पत्नी ओम देवी, बेटा वीरेंद्र सिंह, पुत्रवधू सविता रानी, बेटा अनिल पूनिया, पुत्रवधू पूनम एवं इनके करीबी रिश्तेदार नरेश सिंह, पत्नी बिमला, नरेंद्र सिंह, अमित, मनबीर सिंह, सुंदर सिंह, तरुण हुड्डा, सुरेश सिंह, सागर अरोड़ा व अन्य निकट संबंधी सहयोगी ने करनाल में एक काॅलोनी विकसित करने के नाम पर 2010 में लगभग 18 एकड़ जमीन मिशन फ्लोरा इंडिया लिमिटेड, रवींद्र सिंह व सविंद्र सिंह कादयान से खरीदी थी।
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करीब 13 एकड़ में डीआरपी के नाम से अवैध कालोनी काट दी बाकी जमीन सड़कों के लिए छोड़ दी लेकिन अधिकारियों से मिलीभगत कर सड़क की पांच एकड़ जमीन और डीआरपी के कुछ प्लॉट मिलाकर स्वर्ण भूमि के नाम से लाइसेंस ले लिया। अधिकारियों ने मौके पर जाकर जांच भी नहीं की। इसके अलावा पार्क के नाम पर पास कराई जमीन पर भी प्लॉट काट दिए। इसके अलावा 60 फुट सरकारी नाला वाली जमीन पर भी अवैध कब्जा कर स्वर्ण भूमि के प्लाट काटकर बेच दिए। आरोप है कि कई रजिस्ट्रियों में विकास कॉलोनी, कर्ण विहार सहित अन्य कॉलोनियों का नाम भी लिखवाया गया है। पुलिस से कार्रवाई की मांग की है।


मंत्री ने दिए थे कार्रवाई के निर्देश
इस एन्क्लेव का मामला 16 फरवरी को जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में भी आया था। बैठक में कॉलोनी वासियों ने फरियाद लगाते हुए कहा था कि कॉलोनाइजर ने गली ही बंद कर दी, पार्क की जगह पर भी प्लॉट काटकर बेच दिए। हम कहां जाएं, महंगे प्लॉट लेकर आशियाना बनाने के बाद भी मूलभूत सुविधाओं से भी वंचित किया जा रहा है। इस पर मंत्री रणबीर गंगवा ने उपायुक्त से जांच करने के निर्देश दिए। साथ ही स्थानीय लोगों को भी आश्वासन दिया कि रास्ता बंद करना गलत है, ऐसा करने वाले पर केस दर्ज कराएंगे। इसी निर्देश पर अब कार्रवाई हुई है।
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डीटीपी की रिपोर्ट में भी हुई थी कब्जे की पुष्टि
बैठक में मंत्री ने डीटीपी गुंजन वर्मा से भी इस मामले में रिपोर्ट मांगी थी तो उन्होंने बताया कि गलियां बंद हैं, पार्क की जगह प्लॉट बेचे गए हैं। कॉलोनी का कुछ हिस्सा अभी भी अवैध क्षेत्र में आता है। लाइसेंस कॉलोनी का रास्ता बंद किया गया है। जो नए प्लॉट बने हैं, वह प्लान में नहीं थे। इसके बाद मंत्री ने उपायुक्त से मामले में जांच करके कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
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