संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। सावधान! खाद्य पदार्थों में मिलावट कर आपकी सेहत से खिलवाड़ किया जा रहा है। क्योंकि जिला खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से पिछले आठ माह में विभिन्न खाद्य पदार्थों के लिए गए 204 सैंपलों में से 26 के सैंपल फेल मिले हैं। चार सैंपलों की रिपोर्ट आनी बाकी है। डराने वाली बात यह है कि रोजाना घरों में उपयोग होने वाले दूध, दही, खोया, मक्खन, आइसक्रीम, सरसों का तेल, देसी घी सहित 24 सैंपल सब स्टैंडर्ड पाए गए हैं, जो कि मानकों पर खरे नहीं उतरे।
इससे अलग रसगुल्ले का सैंपल भी फेल आया है, जिसमें घटिया किस्म का रंग प्रयोग किया गया है। वहीं, नूडल्स मसाला सहित दो सैंपल मिस ब्रांड पाए गए हैं। इसका खुलासा विभाग की ओर से जारी की गई जांच रिपोर्ट में हुआ है। मिलावटी दूध व उससे बने खाद्य पदार्थों के सेवन से पेट दर्द, आंतों में इंफेक्शन जैसी कई गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। अब विभाग इन पर कार्रवाई के लिए सीजेएम और एडीसी की कोर्ट में मिष्ठान भंडारों के चालान प्रस्तुत करेगा। जिसके आधार पर इन पर जुर्माना, सजा या दोनों हो सकेंगे।
जनवरी से अगस्त तक लिए गए थे सैंपल
खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से वर्ष 2022 में जनवरी से अगस्त तक जिलेभर से खाद्य सामग्री के 204 सैंपल लिए गए थे। जिनमें से दूध, दही, खोया, मक्खन व देसी घी सहित अन्य खाद्य सामग्रियों के 26 सैंपल फेल मिले हैं, जबकि चार सैंपलों की रिपोर्ट अभी आनी है। जिन मिष्ठान भंडारों के सैंपल फेल आए हैं, उन पर विभाग अब कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है।
पैकिंग और एक्सपायरी तिथि अवश्य देख लें
सिविल सर्जन डॉ. योगेश शर्मा ने बताया कि खराब गुणवत्ता के दूध व उससे बने खाद्य पदार्थ के सेवन से पेट दर्द, आंतों में इंफेक्शन जैसी कई गंभीर शिकायतें हो सकती हैं। पैकिंग सामग्री खरीदने से पहले उसकी गुणवत्ता और पैकिंग की तिथि व एक्सपायरी डेट सहित जानकारी अवश्य लेनी चाहिए।
छह माह से आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान
जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी संदीप ने बताया कि सैंपल अनसेफ मिलने पर सीजेएम कोर्ट में चालान पेश किया जाएगा। प्रमाणित होने पर आरोपी को छह माह से आजीवन कारावास तक हो सकती है। सब-स्टेंडर्ड व मिस ब्रांड पाए जाने पर एडीसी कोर्ट में चालान पेश किए जाएंगे। इसमें 3 से 5 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।