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छोटे भाई को बचाने नहर में कूदा, गंवा बैठा जान

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jumped into the canal to save the younger brother, lost his life
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संवाद न्यूज एजेंसी
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निसिंग। बधनारा गांव निवासी 10वीं का छात्र हन्नी बृहस्पतिवार सुबह स्कूल से दोस्तों के साथ तीन किमी दूर गुनियाना गांव में जाहरवीर गोगा मेड़ी का मेला देखने चला गया। लौटते समय रास्ते में बाइक रोककर हावड़ी ब्रांच बस्तली झाल नहर में नहाने लगा, लेकिन बहाव तेज होने के कारण वह बह गया। जब इसकी सूचना उसके बड़े भाई मोहित को मिली तो उसने उसे तलाशने के लिए नहर में छलांग लगा दी और वह भी बह गया। दोनों की काफी तलाश करने के बाद मोहित का शव बरामद हो गया, हन्नी की तलाश जारी है।
बधनारा गांव निवासी कमलेश के पति भूषण की 15 साल पहले मृत्यु हो चुकी है। दो एकड़ जमीन के सहारे मेहनत मजदूरी करके उसने अपनी दो बेटियों व दो बेटों का पढ़ाया। बड़ी बेटी राखी की शादी कर दी। बड़ा बेटा मोहित करनाल में प्राइवेट कंपनी में नौकरी करके घर का गुजारा चलाने लगा। छोटा बेटा हन्नी व बेटी पूजा गांव के ही स्कूल में पढ़ाई कर रहे थे। बताते हैं कि करीब चालीस मिनट तक हन्नी झाल में फंसा रहा। मोहित मौके पर पहुंचा तो उसे नहर में कूदने की तैयारी करते देख ग्रामीणों ने रोक लिया। वह बाइक से वहां से आगे चला, लेकिन उसका मन नहीं माना और भाई को तलाशने के लिए फिर वहीं पर छलांग लगा दी, जहां उसका भाई दिखा था। पुलिस व गोताखोर प्रगट सिंह ने तलाश शुरू की तो शाम को मोहित का शव मिल गया। थाना प्रभारी निसिंग अजायब सिंह की टीम भी मौके पर ही थी।
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बूढ़ी मां बोली, हन्नी लौटकर जरूर आएगा
यह सच है कि हन्नी को नहर के तेज बहाव में बहते हुए कई लोगों ने देखा है। उसे बचाने के प्रयास में उसके बड़े भाई मोहित ने अपनी जान गंवा दी है, लेकिन विधवा कमलेश के बुढ़ापे की लाठी तो उसके दोनों ही बेटे थे। इन दोनों चिरागों के सहारे उसने अपनी बाकी जिंदगी बिताने के सपने बुने थे। एक चिराग तो बुझ चुका है, दूसरा लापता है फिर भी न जाने क्यों कमलेश की उम्मीद बाकी है। उवह कहती है कि उसके दोनों बेटे एक साथ उसे बेसहारा छोड़कर नहीं जा सकते, उसका हन्नी वापस लौटकर जरूर आएगा।
गांव में पसरा मातम
दो सगे भाइयों के पानी में डूबने की सूचना मिलते ही बधनारा व आसपास के गांवों के लोग नहर की तरफ दौड़ पड़े। कुछ ही देर में नहर पर सैकड़ों लोग एकत्रित हो गए, लेकिन पानी के तेज बहाव के चलते लोग बेबस दिखाई दिए। हालांकि कुछ युवकों ने नहर में उतरकर युवक की तलाश भी की।
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पटरी पर नहीं कोई इंतजाम
हाबड़ी ब्रांच की बस्तली झाल की पटरी पर नहाने या कूूदने से रोकने के लिए कोई इंतजाम नहीं है। न तो पटरी के दोनों तरफ जाल या रस्से लगे हैं और न ही झाल पर कोई सुरक्षा गार्ड मौजूद है, जो युवकों को डूबने से रोक सके। इतना ही नहीं, झाल पर कोई बोर्ड भी नहीं लगा है कि नहर में नहाना या इस तरफ छलांग लगाना मना है। नहर में गलती से कोई गिर भी जाता है तो बचाव के कोई इंतजाम नहीं हैं। इसको लेकर लोग प्रशासन को दोष देते दिखाई दिए।
पुलिस को दो भाइयों के नहर में डूबने की सूचना मिली थी। मोहित नाम के लड़के का शव बरामद हो गया है, जबकि दूसरा भाई हन्नी की तलाश जारी है।
- अजायब सिंह, थाना प्रभारी निसिंग

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