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Karnal News: फूसगढ़ एसटीपी का ट्रायल शुरू, बारिश के पानी की निकासी में मिलेगा लाभ

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माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। नगर निगम ने मानसून से पहले करीब 133 करोड़ रुपये की अमृत परियोजना के घटक 20 एमएलडी के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का ट्रायल शुरू कर दिया गया है। जिससे शहर की कई कॉलोनियों के बारिश के पानी की निकासी को लाभ पहुंच सकता है, क्योंकि कॉलोनियों के सीवरेज को एसटीपी की लाइन से जोड़ा जा रहा है। हालांकि एसटीपी से निकलने वाले उपचारित जल का उपयोग कृषि कार्यो के लिए फिलहाल नहीं हो सकेगा।
नगर निगम क्षेत्र में कई साल पहले अमृत योजना शुरू की गई थी। ये बड़ी परियोजना करीब 133 करोड़ रुपये की थी। जिसमें 149 किमी सीवरेज, तीन एसटीपी, आईपीएस आदि शामिल है। इसका निर्माण कार्य तो दो साल पहले ही पूरा होना था लेकिन परियोजना में शुरुआती दौर में जो कंपनी कार्य कर रही थी, उसने काफी धीमी गति से कार्य किया।
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जब निगम ने उस पर करीब एक करोड़ रुपये के करीब जुर्माना लगाया तो वह न्यायालय में चली गई। बाद में 96 करोड़ रुपये का कार्य करके कंपनी ने ये कार्य ही छोड़ दिया। इससे एसटीपी व परियोजना का शेष कार्य दूसरी कंपनी से कराना पड़ा। जो करीब 37 करोड़ रुपये का है।
निगम के कार्यकारी अभियंता सतीश शर्मा ने बताया कि परियोजना का कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है। कुछ कार्य शेष हैं, जो किया जा रहा है। इसके साथ ही आठ एमएलडी के शिव कॉलोनी स्थित एसटीपी का कार्य भी दो माह में पूर्ण कर लिया जाएगा। इसके साथ साथ अमृत योजना के हैरीटेज व मीरा घाटी स्थित स्टोरम वाटर के इंटरमीडिएट पंपिंग स्टेशन भी चालू कर दिए गए हैं।
कार्यकारी अभियंता ने बताया परियोजना के तहत सबसे बड़े 20 एमएलटी के फूसगढ़ स्थित एसटीपी का कार्य पूर्ण करलिया गया है, जिसका ट्रायल शुरू कर दिया है। अभी इसका उपचारित जल इंद्री स्केप ड्रेन में ही छोड़ा जाएगा। बाद में इस जल का उपयोग कृषि कार्यो के लिए किया जाएगा। इसके लिए अलग से सिंचाई विभाग की परियोजना पर कार्य चल रहा है।
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इन कॉलोनियों को होगा फायदा
एसटीपी से फूसगढ़, दुर्गा कॉलोनी, उत्तम नगर, एसपी कॉलोनी, डीसी कॉलोनी, कर्ण विहार, राजीव पुरम, विकास नगर, बुड्ढ़ा खेड़ा, नरसी विलेज के सीवरेज को जोड़ा जाएगा। जिससे यहां की सीवरेज व्यवस्था बेहतर हो जाएगी। बारिश में यहां जलभराव की समस्या भी नहीं रहेगी।
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