फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Karnal News: इमिग्रेशन सेंटर संचालक ने खुद चलवाई थी गोलियां

विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

करनाल। इमिग्रेशन सेंटर संचालक की गाड़ी पर गोली चलाने के मामले के मामले में शुक्रवार को एसटीएफ ने खुलासा कर दिया है। जिसमें वारदात के पीछे का मास्टर माइंड खुद इमिग्रेशन सेंटर संचालक ही निकला है। सेंटर संचालक अमनदीप ने बंदूक का लाइसेंस बनवाने के लिए भाड़े के शूटरों से अपने ही सेंटर पर फायरिंग की योजना को अंजाम दिया था। एसटीएफ करनाल ने इमिग्रेशन सेंटर संचालक व यूपी के शामली जिला निवासी तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर वारदात में प्रयुक्त पिस्तौल को बरामद कर लिया है।
एसटीएफ के प्रभारी दीपेंद्र राणा ने बताया कि इमिग्रेशन सेंटर संचालक अमनदीप ने बंदूक का लाइसेंस बनवाने के लिए ही शामली से पांच शूटर हायर किए थे। सौदा करीब पांच लाख रुपये में हुआ था। एक बाइक भी थी थी। योजना के मुताबिक वहीं पांच शूटर 23 जून को कार में सवार होकर करनाल आए थे। उनमें से दो शूटर बाइक पर सवार होकर पुराना बस स्टैंड के पास आरोपी के केंद्र पर पहुंचे थे और उन्होंने संचालक की कार पर गोलियां चलाईं। एसटीएफ को जांच सौंपी गई थी।
विज्ञापन

कई दिनों से लगातार मामले की जांच में दबिश भी दी जा रही थी। जांच के दौरान ही कुछ ऐसे तथ्य सामने आए, जिनसे एसटीएफ को वारदात के पीछे मामले की रिपोर्ट लिखाने वाले इमिग्रेशन सेंटर संचालक के ही होने का शक हुआ लेकिन एसटीएफ की जांच आगे बढ़ी तो शामली के पांच के वारदात में शामिल होने का पता चला। जब शामली को आरोपियों को पकड़ा तो मामले का खुलासा हो गया।
इन्हीं तीन आरोपियों ने केंद्र संचालक अमनदीप की पूरी योजना का पर्दाफाश कर दिया। इसके बाद इमिग्रेशन संचालक व शामली निवासी पांच में से तीन शूटरों को गिरफ्तार कर लिया गया। वारदात में प्रयुक्त एक अनधिकृत पिस्तौल और 6 गोलियां बरामद की गई हैं। सभी आरोपियों को शनिवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। अभी दो शूटरों की गिरफ्तारी बाकी है। इसलिए आरोपियों को रिमांड पर भी लिया जाएगा।
संचालक ने ही विदेशी नंबर से अपने आपको एक करोड़ की रंगदारी देने का धमकी भरा फोन कराया था। इसकी भी जांच की जाएगी कि वह धमकी भरा फोन किस व्यक्ति ने कहां से किया था। उल्लेखनीय है कि 23 जून को पुराने बस स्टैंड के पीछे ओपेरा इमिग्रेशन सेंटर के मालिक की गाड़ी पर बाइक सवार बदमाशों ने गोलियों चलाई थी। उस समय इमिग्रेशन केंद्र संचालक अमनदीप कार में न होकर अपने कार्यालय में था। गोलियां चलाने के बाद बाइक सवार बदमाश मौके से फरार हो गए।
कार पर गोली चलने के बाद आसपास के लोग मौके पर एकत्रित हो गए और पुलिस को सूचना दी गई। सीआईए की टीम भी मौके पर पहुंची। मामले की जांच शुरु कर दी है। इस दिन आरोपी जाणी गांव निवासी इमिग्रेशन केंद्र संचालक अमनदीप ने बताया था कि उसके पास विदेशी नंबर से फोन आया था। जिसमें फोन करने वाले ने खुद को गोल्डी बराड का छोटा भाई बताते हुए एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी।
विज्ञापन

नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी। केंद्र संचालक ने ये भी बताया था कि वारदात के बाद भी उसके पास फोन आया, जिसमें कहा गया कि ये तो अभी ट्रेलर है, फिल्म अभी बाकी है। यदि रुपये नहीं दिए तो पूरी फिल्म दिखा देंगे। इसके बाद पुलिस ने सिविल लाइन थाने में मामला दर्ज कर जांच स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को सौंप दी थी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें