पूर्व सीएम के हस्ताक्षर किए नकली ट्रांसफर नोट तैयार करने के मामले में करनाल अदालत ने फोटोस्टेट संचालक समेत दो लोगों को तीन-तीन साल कैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोनों पर अलग-अलग धाराओं के तहत आठ-आठ हजार रुपये जुर्माना भी ठोका है।
सिटी थाना में दर्ज केस के अनुसार, जगपाल कांग्रेस का कार्यकर्ता था। वर्ष 2010 में तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा का बधाई संदेश उसके पास आया। कार्ड पर सीएम के हस्ताक्षर भी थे। यहीं से जगपाल ने सीएम के हस्ताक्षर का गलत तरीके से प्रयोग करने की मंशा बनाई। ऐसे में वह करनाल स्थित पुरुषोत्तम फोटोस्टेट संचालक राकेश के पास पहुंचा। दोनों ने मिलकर सीएम के हस्ताक्षर युक्त बधाई संदेश कार्ड से सीएम के हस्ताक्षर चुरा लिए और वे साइन सफेद कागजों पर उतार लिए।
इसके बाद जगपाल ने सीएम के हस्ताक्षर युक्त कागजातों को ट्रांसफर नोट बना लिए और लोगों के तबादले करवाने के लिए ट्रांसफर नोट विभागों में भेजने लगा। आरोपी ने एक सिपाही व एक अध्यापक का तबादला कराने के लिए संबंधित विभागों ने सीएम के हस्ताक्षर युक्त ट्रांसफर नोट भिजवाए। जांच करने पर पता चला कि ये तबादला नोट सीएम ने नहीं भेजे। जांच हुई तो पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
इनके अलावा पुलिस ने फोटो स्टेट की दुकान पर काम करने वाले सोनू निवासी पुंडरक, रामपाल निवासी अमीन व अनूप निवासी गोहाना के खिलाफ भी विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। शुक्रवार को सिविल जज सीनियर डिविजन केपी सिंह की अदालत ने फोटोस्टेट संचालक राकेश और जगपाल निवासी जुंडला को दोषी करार दे दिया, जबकि सोनू, रामपाल व अनूप को बरी कर दिया। शनिवार को अदालत ने राकेश व जगपाल को तीन-तीन साल कैद की सजा सुनाई। साथ ही दोनों पर आठ आठ हजार रुपये जुर्माना भी ठोका है।