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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दे बेहतर सुविधाएं

Fri, 10 Jan 2014 12:10 AM IST
करनाल
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कुरुक्षेत्र। कैथल रोड पर हिरमी के सभागार में रैपिड (रेगूलर अप्रेजल ऑफ प्रोग्राम इंपलीमेंटेशन इन डिस्ट्रिक्ट) की बैठक का आयोजन किया गया । इसमें स्वास्थ्य विभाग के कई आला अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य विभाग के निदेशक डा. राकेश गुप्ता ने कुरुक्षेत्र जोन की बैठक के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त बनाने के साथ लचर हालात में सुधार रखने की हिदायत दी।
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बैठक की अध्यक्षता करते हुए डा. गुप्ता ने सामान्य अस्पताल तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में बेहतर सेवाएं तथा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। स्वास्थ्य केंद्रों के लेबर रूम भी हर प्रकार की सुविधाओं से पूर्ण हैं। परंतु फिर भी कई प्रकार की कमियां पाई गई हैं, जिनको दूर करके मातृ मृत्यु दर तथा शिशु मृत्यु दर को कम किया जा सकता है।

उन्होंने सामुदायिक के सदस्यों से बातचीत करके उन्हें स्वास्थ्य विभाग हरियाणा द्वारा प्रदान की जा रही सेवाओं तथा कार्यक्रमों की जानकारी सांझा की और निर्देश दिए कि विभाग के स्थानीय अधिकारी इन कमियों को दूर करें। उन्हाेंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस कार्यक्रम की योजना राज्य के सभी जिलों के लिए बनाई गई है। इस योजना के अंतर्गत पानीपत, मेवात, भिवानी, सिरसा, नारनौल, पलवल, जींद, झज्जर, रेवाड़ी, यमुनानगर, अंबाला, सोनीपत, करनाल, हिसार, फतेहाबाद तथा रोहतक के बाद कुरुक्षेत्र में बैठक का आयोजन किया गया है।
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निदेशक ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं की जांच करने के पश्चात विस्तार रूप से एक रिपोर्ट तैयार की गई है, जिसे कुरुक्षेत्र के सिविल सर्जन के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने बताया कि आज जिले के सामान्य अस्पताल, पांच सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, 16 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा कुछ उप-केंद्रों पर उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं का पूर्ण निरीक्षण किया गया है।

उन्होंने कहा कि राज्य स्वास्थ्य अधिकारियों, सलाहकारों तथा पीजीआई एमएस चंडीगढ़ व रोहतक से आई 30 टीमों ने कुरुक्षेत्र जिले की स्वास्थ्य सुविधाओं की विस्तारपूर्वक जांच की है।

बैठक में उपायुक्त निखिल गजराज ने कहा कि यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि जननी सुरक्षा योजना तथा जननी शिशु सुरक्षा योजना कार्यक्रम के लाभ जरूरतमंदों को समयानुसार प्राप्त हो सकें। उन्होंने कहा कि इस योजना के अंतर्गत मुफ्त दवाइयां, रक्त की उपलब्धता, मुफ्त भोजन, रेफरेल ट्रांसपोर्ट तथा साधारण डिलीवरी होने पर 48 घंटे तक अस्पताल में रहना अनिवार्य है, यह सभी सुनिश्चित किया जाएगा।

बैठक में सिविल सर्जन डा. शिव कुमार ने उच्च अधिकारियों को आश्वास्त करवाया कि जो भी कमियां पाई गई हैं, उन्हें समय रहते दूर किया जाएगा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की टीम ने कहा कि इस बैठक का फॉलोअप एक महीने तक किया जाएगा तथा अनुपालन रिपोर्ट पेश की जाएगी।
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