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तब लोग संघ को भला-बुरा कहते थे : प्रेम गोयल

Mon, 06 Oct 2025 01:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
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माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। सातवीं कक्षा के दौरान ही संघ से जुड़ गया था। कबड्डी खेलने का शौक था। शौक को पूरा करने के लिए वह शाखा से जुड़े। कबड्डी खेलते-खेलते कब संघ के प्रचारक बन गए, पता ही नहीं चला।
अखिल भारतीय सेवा प्रमुख से लेकर दिल्ली के प्रांत प्रचारक और संघ के अनेक महत्वपूर्ण पदों पर रहे उत्तर क्षेत्र कार्यकारिणी के सदस्य प्रेम गोयल ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ाव और अपनी संघ यात्रा का उल्लेख इन शब्दों में किया। उन्होंने कहा कि शुरू में संघ का बड़ा विरोध होता था। लोग काफी भला-बुरा कहते थे। संघ के संस्थापक डॉ हेडगेवार पर भी कटाक्ष करते थे कि आप यह क्या बच्चों के साथ खेलते हो। धीरे-धीरे लोगों ने संघ को जानना और समझना शुरू किया। परिणाम स्वरूप संघ आज इतना बड़ा संगठन बन गया है।
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उन्होंने बताया कि संघ की देशभक्ति को देखते हुए तत्कालीन पीएम जवाहरलाल नेहरू ने 1963 में गणतंत्र दिवस में परेड में संघ को निमंत्रण दिया, जिसमें तीन हजार स्वयंसेवक पूर्ण गणवेश में शामिल हुए। उस समय वह गुरुग्राम में प्रचारक थे। परेड में दिल्ली के स्वयंसेवकों को ही बुलाया गया था लेकिन गुड़गांव दिल्ली के नजदीक है इसीलिए कुछ स्वयंसेवक हरियाणा से भी उसमें शामिल हुए थे। वह भी शामिल हुए थे।
उन्होंने कहा कि भारत हिंदू राष्ट्र है और हिंदू राष्ट्र हिंदू संगठन के बिना नहीं हो सकता। हिंदू समाज को संगठित करना संघ का लक्ष्य है। संघ शाखा तपोभूमि है। आज देशभर में संघ की एक लाख 27 हजार शाखाएं हो गई हैं। 61,166 स्थानों पर शाखा लगती हैं। विश्व के 47 देशों में संघ का कार्य चलता है।
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उन्होंने कहा कि भारत विश्व गुरु कहलाया है और आने वाले समय में एक बार फिर दुनिया भारत को विश्व गुरु मानेगी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ इसी सोच को पूरा करने के लिए जुटा हुआ है।
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