करनाल। अखिल चौहान आत्महत्या मामले में परिजनों ने पुलिस को सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए शनिवार तक का अल्टीमेटम दिया था। जबकि घटना के एक सप्ताह बाद भी महज तीन आरोपी ही पुलिस के हाथ लगे हैं और अन्य आरोपियों को पुलिस पकड़ नहीं पाई है।
इसके चलते अखिल चौहान के परिजनों ने रविवार को फिर से आंदोलन की रूपरेखा तैयार करने की बात कही है। अखिल के मामा नरेश व चाचा राजेश ने बताया कि रविवार को एसपी और डीसी से मिलेेंगे।
उन्होंने कहा कि प्रशासन ने सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 15 फरवरी तक का समय मांगा था, लेकिन पुलिस सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने में नाकाम रही है। सुसाइड नोट में शामिल 11 आरोपियों में से अभी तक तीन ही पुलिस की गिरफ्त में हैं। इसके बाद आंदोलन की रूपरखा बनाने के बाद आंदोलन किया जाएगा।
आईजी के तबादले की मांग
दूसरी ओर इस मामले में अखिल चौहान के एडवाकेट हरीश आर्य ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़ा करते हुए आईजी बलबीर सिंह के तबादले की मांग की है। उन्होंने कहा कि आईजी बलबीर सिंह को 15 जनवरी को मिलकर लिखित में पुलिस प्रताड़ना की शिकायत दी गई थी, लेकिन उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया। अखिल के परिजनों का कहना है कि उन्हें बेटे के मरने से पहले भी इंसाफ नहीं मिला और आज भी वे इंसाफ के लिए धक्के खा रहे हैं।
वी. कामराज को कार्यभार सौंपे की मांग
प्रेस नोट जारी करते हुए एडवोकेट हरीश आर्य ने एडीजीपी वी. कामराज को करनाल रेंज की मोनिटरिंग का अतिरिक्त कार्यभार सौंपने की मांग की है।
आर्य ने कहा कि कामराज ही पूरे मामले में निष्पक्ष जांच करा सकते हैं। नागरिक अधिकारों की सुरक्षा के लिए ईमानदार अफसर की देखरेख जरूरी है। उन्होंने मामले की जांच सीबीआई से कराने की भी मांग उठाई है। उन्हाेंने कहा कि वे सीबीआई से जांच के लिए प्रयास किए जाएंगे, इसके लिए भले ही उन्हें पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा ही क्यों न खटखटाना पड़े।
एएसआई को साथ लेकर छापामारी
एसआईटी के इंचार्ज डीएसपी राज कुमार ने कहा कि दिल्ली की तरफ टीमें छापामारी करने गई हुई हैं। उम्मीद है कि यह टीमें खाली हाथ नहीं लौटेंगी। एक टीम आरोपी एएसआई रामभजन वर्मा को साथ लेकर गई हुई है।