फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Karnal News: लंबित राज्य शिक्षक पुरस्कारों की घोषणा, 78 शिक्षकों को मिलेगा सम्मान, शिक्षा मंत्री के जिले से सर्वाधिक 13 नाम

विज्ञापन
विज्ञापन
गगन तलवार
विज्ञापन

करनाल। राज्य शिक्षक पुरस्कारों को लेकर लंबे समय से चली आ रही अनिश्चितता आखिरकार खत्म हो गई। सरकार ने वर्ष 2024 और 2025 के लंबित पुरस्कारों की सूची जारी कर दी है। दो वर्षों की इस सूची में कुल 78 शिक्षकों को सम्मानित किया गया है, जिससे प्रदेशभर के शिक्षकों में खुशी और संतोष का माहौल है। दोनों वर्षों के आंकड़ों को देखें तो शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा के गृह जिले पानीपत से सर्वाधिक 13 शिक्षकों का चयन हुआ।
दरअसल, शिक्षक दिवस नजदीक आने के बावजूद पुरस्कारों की घोषणा न होने से शिक्षक समुदाय में निराशा थी। अमर उजाला ने 25 अगस्त को मुख्य संस्करण में इस मुद्दे को प्रमुखता से प्रकाशित करते हुए सरकार का ध्यान आकर्षित किया। इसके बाद अब दोनों वर्षों के लिए चयनित शिक्षकों के नाम जारी कर दिए गए हैं, जिसे शिक्षक संगठनों ने सकारात्मक कदम बताया है। वर्ष 2024 के लिए 40 और 2025 के लिए 38 शिक्षकों का चयन हुआ है।
विज्ञापन

शिक्षकों का कहना है कि राज्य शिक्षक पुरस्कार केवल सम्मान नहीं, बल्कि शिक्षकों के कार्य की राज्य स्तर पर पहचान और प्रेरणा का माध्यम माना जाता है। इसमें चयनित शिक्षकों को एक लाख रुपये नकद, रजत पदक, प्रशस्ति-पत्र, शॉल और सेवा अवधि के लिए दो अग्रिम वेतन वृद्धि का लाभ मिलता है। हालांकि, शिक्षकों का कहना है कि भविष्य में इस प्रक्रिया को समयबद्ध बनाया जाना चाहिए, ताकि हर वर्ष शिक्षक दिवस पर ही सम्मान समारोह आयोजित हो और शिक्षकों का मनोबल बना रहे।

इस जिले से इतने शिक्षकों को मिलेगा पुरस्कार
वर्ष 2024 : 40 शिक्षकों का चयन किया गया है। इसमें पानीपत और रेवाड़ी से सर्वाधिक छह-छह शिक्षक चुने गए, जबकि सोनीपत से चार और गुरुग्राम, भिवानी, जींद, कैथल, चरखी दादरी व करनाल से तीन-तीन शिक्षकों को सम्मान मिला। पंचकूला से दो और फरीदाबाद, महेंद्रगढ़, झज्जर व हिसार से एक-एक शिक्षक का चयन हुआ।
वर्ष 2025 : 38 शिक्षकों को पुरस्कार दिया गया है। इस सूची में पानीपत सात शिक्षकों के साथ शीर्ष पर रहा, जबकि भिवानी से पांच और सोनीपत से चार शिक्षकों का चयन हुआ। रेवाड़ी और गुरुग्राम से तीन-तीन तथा हिसार, कुरुक्षेत्र, कैथल व जींद से दो-दो शिक्षकों को स्थान मिला। इसके अलावा सिरसा, फतेहाबाद, नूंह, फरीदाबाद, रोहतक, करनाल, यमुनानगर और चरखी दादरी से एक-एक शिक्षक का चयन हुआ है।
विज्ञापन


शिक्षकों की आवाज बनी असरदार
हरियाणा स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन के राज्य प्रधान सतपाल सिंधु और महासचिव डॉ. तरसेम कौशिक ने लगातार लंबित पुरस्कारों को लेकर आवाज उठाई थी। उनका कहना था कि सरकार को दोनों वर्षों के पुरस्कार घोषित कर शिक्षकों का सम्मान करना चाहिए। अमर उजाला द्वारा मुद्दा उठाने के बाद सरकार ने संज्ञान लिया और सूची जारी की, जिसे शिक्षक समुदाय ने सकारात्मक पहल बताया है।

ये शिक्षक हैं पात्र
- कक्षा शिक्षक : न्यूनतम 15 वर्ष का नियमित शिक्षण अनुभव
- प्रधानाध्यापक/प्रधानाचार्य : 20 वर्ष का अनुभव, जिसमें कम से कम 5 वर्ष नेतृत्व/प्रभार
- पिछले 10 वर्षों की एसीआर/एपीएआर में (+ए/ए) ग्रेडिंग
- पिछले 5 वर्षों में बोर्ड कक्षाओं के परिणामों में सुधार, गैर-बोर्ड कक्षाओं का परिणाम 80 प्रतिशत या अधिक
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें