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हाईटेंशन लाइन के नीचे बने पटवारी का मकान तोड़ा

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निर्मल विहार में हाईटेंशन तार के नीचे हुए निर्माण को गिराती बीबीएमबी की टीम।
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माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। 220 केवी हाईटेंशन लाइन के नीचे हुए निर्माण पर भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) ने कार्रवाई करना शुरू कर दिया है। वीरवार को निर्मल विहार कॉलोनी में एक पटवारी के मकान पर बोर्ड की ओर से तोड़फोड़ की गई। टीम ने दो मंजिला मकान की लाइन की रेंज में आने वाली ऊपर की मंजिल के कमरे को तोड़ दिया।
लाइन के नीचे बुलडोजर नहीं चलाया जा सकता था। ऐसे में मजदूर लगाकर कमरे का लैंटर और दीवारें गिराई गई। कार्रवाई बोर्ड के कनिष्ठ अभियंता बलराज शर्मा के नेतृत्व में हुई। उन्होंने बताया कि पटवारी बलवान सिंह ने अवैध रूप से अपने घर की ऊपर की मंजिल बनाई थी। मकान हाईटेंशन तार के नीचे हैं। ऐसे में कुछ माह पहले गर्मियों में घर तार की रेंज में आ गया था। इससे करंट आने के कारण घर व आस पड़ोस के सभी विद्युत उपकरण भी जल गए थे। बोर्ड की ओर से मकान मालिक को नोटिस देकर निर्माण गिराने को कहा था। उन्होंने बताया कि करंट के कारण पटवारी का परिवार घर तो खाली कर गया था लेकिन निर्माण नहीं गिराया गया। कार्रवाई के दौरान बोर्ड के लाइनमैन सतबीर सिंह, कंवर साहब और राजेंद्र भी टीम में शामिल रहे।
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शहर में हाईवे पार की आठ कॉलोनियों के ऊपर से 220 केवी हाईटेंशन लाइन गुजर रही है। जिसके नीचे विभिन्न कॉलोनियों के 252 मकान बने हैं। जबकि स्कूल और पार्कों की कोई गिनती ही नहीं है। ऐसे में कॉलोनीवासी मौत के साये में और स्कूल व पार्क खतरे के इर्द-गिर्द हैं। आरके पुरम, कर्ण विहार, एसपी कालोनी, राजीव पुरम सहित साईं मंदिर के पीछे की कई कॉलोनियों में मकान बने हैं। इन्हें भी नोटिस दिए हैं। यहां भी कभी भी कार्रवाई हो सकती है।
एक्ट में निर्धारित दूरी
भारतीय विद्युत अधिनियम 2003 के अनुसार हाईटेंशन लाइन की 18 फीट की परिधि में भवन निर्माण, वृक्ष लगाना व बिजली की कोई भी लाइन बिछाना नियम के विरुद्ध है। करनाल, पानीपत, अंबाला और कुरुक्षेत्र सहित चार जिलों में बिजली आपूर्ति के लिए बीबीएमबी की दो हाईटेंशन लाइनें करनाल से गुजर रही हैं। 220 केवी कुरुक्षेत्र-पानीपत लाइन सिंगल सर्कट हाईवे पार क्षेत्र से गुजरती हैं। जबकि 220 केवी धूलकोट-पानीपत लाइन डबल सर्कट नहर पार एरिया के नजदीक से गुजरती हैं।
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रेंज में आते ही होता है धमाका
बीबीएमबी के जेई बलराज शर्मा ने बताया कि सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हाईटेंशन लाइनों के नीचे निर्माण पर पूर्णता मनाही है। लोगों ने जो मकान बनाए हैं, एक्ट के अनुसार गैर कानूनी हैं। गर्मी के दिनों में जब अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचता है, तो हाईटेंशन लाइन की केबल लूज होकर डेढ़ फीट तक नीचे आ जाती है। ऐसे में जिन मकानों की दूरी इससे 18 फीट से कम है, उन्हें खतरा है। बरसात या गर्मी के मौसम में किसी भी मकान के इसकी रेंज में आते ही धमाका हो सकता है। इससे पूरी कॉलोनी के घरों के इलेक्ट्रोनिक उपकरण भी जल सकते हैं और जान-माल की हानि हो सकती है।
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