माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। शहर के रेलवे स्टेशन पर सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। यात्रियों को गंदगी और दुर्गंध का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन रेलवे प्रशासन का इस ओर ध्यान नहीं है।
दिखावे को तो एक ओर सेल्फी प्वांइट तक बनाए गए हैं, लेकिन दूसरी ओर गंदगी की वजह से यहां के प्रतीक्षालय तक खाली पड़े रहते हैं। यहां कूड़ा-कचरा और गंदगी होने की वजह से बदबूदार माहौल बना रहता है। स्टेशन परिसर में पान थूक कर लोगों ने एक पेड़ का रंग तक लाल कर दिया है। इसकी वजह से यात्री प्रतीक्षालय में बैठने के बजाए प्लेटफाॅर्म पर खड़े होकर ट्रेनों का इंतजार करते हैं।
स्टेशन के दोनों प्लेटफॉर्म पर गंदगी के ढेर लगे हैं। शौचालयों की हालत दयनीय है और पीने के पानी की व्यवस्था बदहाल है। यात्रियों का कहना है कि सफाई कर्मचारी नियमित रूप से अपने कार्य का पालन नहीं कर रहे जिससे स्टेशन में गंदगी फैल रही है। दैनिक यात्रियों ने बताया कि स्टेशन पर गंदगी की समस्या लंबे समय से है। शिकायत के बावजूद रेलवे प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा। करनाल स्टेशन से रोजाना करीब 60 ट्रेनें आवागमन करती हैं। इनसे रोजाना करीब 10 हजार यात्री ट्रेनों से सफर करते हैं, लेकिन व्यवस्था की कमी की वजह से लोगों को परेशानी हो रही है। स्टेशन पर दो प्लेटफाॅर्म और तीन ट्रैक हैं। यहां गंदगी और अव्यवस्था के कारण बुजुर्गों, महिलाओं और छोटे बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। यात्रियों को बैठने के लिए साफ जगह नहीं मिल रही, जिससे उन्हें घंटों खड़े रहना पड़ता है। बदबू और गंदगी के कारण अस्वस्थता की स्थिति बन रही है, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। विशेष रूप से, गर्मी के मौसम में यात्रियों को अत्यधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है।
पानी की अनुपलब्धता और शौचालयों की गंदगी के कारण महिलाएं और बुजुर्ग अत्यधिक असहज महसूस करते हैं। दिव्यांग यात्रियों के लिए भी सुविधाओं का घोर अभाव है, जिससे उन्हें आवाजाही में कठिनाई होती है। यात्रियों अमन, सुशील, ने रेलवे प्रशासन से जल्द से जल्द सफाई व्यवस्था को सुधारने की मांग की है।