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अभिभावकों की चिंता बढ़ी, विद्यार्थी भी जल्द छोड़ना चाह रहे देश

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करनाल। यूक्रेन में पढ़ रहे करनाल के सैकड़ों विद्यार्थियों ने देश वापस आने का निर्णय लिया है। युद्ध के खतरे के बीच इन विद्यार्थियों के अभिभावक भी चिंतित हैं। कई अभिभावकों ने बच्चों के वापसी के टिकट भी बुक करवा दिए हैं। जब तक बच्चे घर वापस नहीं आ जाते, तब तक परिजन पल पल की जानकारी बच्चों से ले रहे हैं। वहीं विद्यार्थी भी लगातार भारतीय दूतावास से संपर्क में हैं।
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करनाल के कुछ अभिभावकों ने बताया कि उनके बच्चों को वापसी के लिए फ्लाइट की टिकट भी नहीं मिल रही है। कुछ की मंगलवार को फ्लाइट है तो कई बच्चों के लिए टिकट अगले सप्ताह के लिए मिल रहे हैं। हालांकि युद्ध के नाम पर उपजे तनाव के बीच कई विद्यार्थी करनाल भी लौट आए हैं। बता दें कि यूक्रेन में एमबीबीएस, होटल मैनेजमेंट, लैंग्वेज कोर्स करने के लिए हर साल हजारों छात्र जाते हैं लेकिन तनाव के हालात देखते हुए वीजा स्टडी का काम भारतीय दूतावास ने बंद कर दिया है।
यह है परिवार की स्थिति -
मामला-1
दो माह ही पढ़ाई कर पाई, सता रही है चिंता
सेक्टर-13 निवासी वीरेश जैन ने बताया कि उनकी बेटी भव्या जैन एमबीबीएस की पढ़ाई करने के लिए यूक्रेन गई थी। 11 दिसंबर 2021 को ही वह वहां पहुंची थी। अभी दो माह की पढ़ाई भी नहीं हुई कि युद्ध के हालात की स्थिति बन गई है। बेटी को लेकर काफी चिंता सता रही थी। बेटी के वापस आने के लिए टिकट कंफर्म हो गया है। मंगलवार को फ्लाइट है। बुधवार की रात को वह घर पहुंचेगी। अप एंड डाउन की टिकट करवाई है। यदि स्थिति सही रही तो बेटी मई में वापस चली जाएगी।
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मामला-2
दो साल से यूक्रेन पढ़ रही है बेटी, पूरा परिवार चिंतित
सेक्टर-13 की शिवानी भी यूक्रेन में दो साल से पढ़ाई कर रही है। वह भी मंगलवार को भारत लौटेगी। परिजनों ने बताया कि उनकी बेटी के शहर में स्थिति सामान्य है लेकिन सरकार के आह्वान पर वह बेटी को वापस बुला रहे हैं। सामान्य रेट में ही टिकट हुआ है। बेटी को लेकर पूरा परिवार चिंतित है। पूरा दिन टीवी पर यूक्रेन के हालात के समाचार देखते हैं और बेटी से भी लगातार संपर्क में है। ईश्वर सब कुछ सामान्य रखे। सभी की खुशहाली के लिए ही प्रार्थना कर रहे हैं।
मामला-3
कर्ज लेकर भाई को भेजा था यूक्रेन, अब वापस बुलाया
असंध के लक्ष्य ने बताया कि उनका भाई प्रदीप भी यूक्रेन पढ़ाई करने के लिए 2019 में गया था। परिवार ने जमीन पर कर्ज लेकर उसे भेजा था। अब वहां की स्थिति सामान्य नहीं लग रही और सरकार के आग्रह पर बेटे को वापस बुला रहे हैं। प्रदीप वहां पर होटल मैनेजमेंट का कोर्स कर रहा है। उसे वापस लाने के लिए कल टिकट की बुकिंग भी करवा रहे हैं। वहां रह रहे भारतीय लोगों में दहशत है। इधर परिवार की स्थिति भी काफी चिंताजनक है।
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एक्सपर्ट व्यू
पीआर के लालच में न पड़े, सलाह मानकर वापस आएं युवा
स्टडी वीजा का काम करने वाले दीपक शर्मा ने बताया कि यूक्रेन जाने वाले छात्र भी अपनी शिक्षा के अलावा श्रम से कमाई की धारणा रखते हैं। इसी वजह से इस देश में सबसे ज्यादा छात्र लैंग्वेज कोर्स पर फोकस करते हैं। एक साल में यूक्रेन की भाषा जानने के बाद उनका वहां के किसी भी स्थानीय कॉलेज में डिग्री कोर्स में दाखिला हो जाता है। दाखिला होने के बाद ही कई देशों के रास्ते उनके लिए खुल जाते हैं। उनकी सलाह है कि अभी इस देश में जाने से बचें। भारतीय दूतावास की सलाह माने और अपने देश लौट आएं।
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