माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। हरियाणा विधानसभा के पूर्व स्पीकर कुलदीप शर्मा ने भाजपा के करनाल में हुए अंत्योदय महासम्मेलन को विफल बताते हुए कहा कि सम्मेलन में भीड़ जुटाने के लिए सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया गया। इसके बावजूद सम्मेलन में लगभग चार हजार लोग ही पहुंचे, जिनमें सरकारी कर्मचारी, भाजपा नेता और जबरदस्ती लाए गए कुछ लोग शामिल थे।
वे पीडब्ल्यूडी विश्राम गृह में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अपने भाषण के दौरान एक बार भी पंडित दीनदयाल उपाध्याय का नाम नहीं लिया, जबकि ये सम्मेलन दीनदयाल उपाध्याय के नाम पर किया गया था। अमित शाह नरेंद्र मोदी और भाजपा की जय-जयकार करवाने में लगे थे, लेकिन सम्मेलन में मौजूद लोगों ने उनके समर्थन में नारे नहीं लगाए। कुलदीप शर्मा ने कहा कि सम्मेलन से पहले भाजपा के लोग प्रचार कर रहे थे कि अमित शाह हरियाणा में चार नए जिले बनाने, एसवाईएल को लेकर बड़ा एलान करने, पेंशन 5100 रुपये करने और महिलाओं को घर चलाने के लिए दो हजार रुपये प्रतिमाह देने की घोषणा करेंगे। हैरानी की बात है कि गृह मंत्री ने ऐसी एक भी घोषणा नहीं की।
पूर्व विधानसभा स्पीकर ने कहा कि हरियाणा में भाजपा सरकार बिना खर्ची बिना पर्ची नौकरियां देने के दावे कर रही है, जबकि वास्तव में सबसे ज्यादा पर्चे और खर्चे इसी सरकार में चले हैं। परीक्षाओं के पेपर तैयार करने वालों ने ही पेपर लीक करने और बेचने का काम किया। हरियाणा में 32 से ज्यादा पर्चे लीक हुए हैं। इस अवसर पर पूर्व मंत्री भीम मेहता, पूर्व विधायक सुमिता सिंह, जिला संयोजक त्रिलोचन सिंह, रघुबीर संधु, अशोक खुराना, मनिंद्र सिंह शंटी, पप्पू लाठर, हरीराम साबा, रणपाल संधु, सतपाल सरपंच जाणी, सतीश राणा, जागीर सैनी, ललित अरोड़ा और गगन मेहता मौजूद रहे।