संवाद न्यूज एजेंसी
कुंजपुरा। सरपंच सुमन की बर्खास्तगी के आदेश सोमवार को खंड विकास कार्यालय कुंजपुरा में पहुंच गए हैं। अब इस मामले में आगामी कार्रवाई कुंजपुरा की खंड विकास अधिकारी मोनिका बालदा की ओर से की जाएगी। अब बहुमत प्राप्त किसी पंच को सरपंच पद का चार्ज देने के लिए आधिकारिक पत्र जारी किया जाएगा।
गांव के ही प्रवीन कुमार ने सरपंच की ओर से कराए गए विकास कार्यों में गड़बड़ी के आरोप लगाते हुए जिला प्रशासन को शिकायत दी थी। डीसी ने करनाल उपमंडल अधिकारी अनुभव मेहता को मामले की जांच के आदेश दिए थे। इसी बीच बीडीपीओ, पंचायती राज एसडीओ व अन्य संबंधित अधिकारियों से भी उनकी टिप्पणी मांगी गई थी।
इस मामले से जुड़ी रिपोर्ट जब डीसी कार्यालय तक पहुंची तो सरपंच को निलंबित कर दिया गया, लेकिन मंडल आयुक्त द्वारा निलंबन पर स्टे दिए जाने के बाद सुमन अब तक सरपंच पद पर बनी थीं। हालांकि बाद में मामला हाई कोर्ट तक पहुंच गया।
हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए जिले के उच्च अधिकारियों को मामले की जांच कर उचित कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
हाईकोर्ट के आदेशों के बाद जांच में सामने आया कि गली का निर्माण पंचायती रिकॉर्ड में तो दर्शाया गया, लेकिन वास्तव में निर्माण नहीं हुआ।
इसके अलावा दो एक्टिविटी कोड में भी अंतर पाया गया। इसी आधार पर डीसी उत्तम सिंह ने सरपंच सुमन लता को बर्खास्त कर दिया था।
बीडीपीओ मोनिका बालदा ने सरपंच सुमन की बर्खास्तगी के आदेशों की पुष्टि करते हुए कहा कि जल्द आगामी कार्रवाई की जाएगी।
बहुमत प्राप्त किसी पंच को सरपंच पद का कार्य भार दिया जाएगा ताकि विकास कार्यों की गति जारी रहे।