संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। जिले में हुए धान घोटाले को लेकर गठित एसआईटी मामले में संदिग्धों से पूछताछ कर रही है। फिलहाल आढ़तियों और किसानों के बैंक खातों व रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। पुलिस ने जिलेभर में 50 के लगभग किसानों से पूछताछ की है। कई किसानों के खाते ऐसे मिले हैं, जिनमें सरकार की तरफ से पीआर धान का ज्यादा भुगतान किया गया है। उनके पास पीआर धान का उतना रकबा नहीं था। अब यह जांच चल रही है कि उनका पंजीकरण किसने करवाया था।
घोटाले को डेढ़ माह से ज्यादा का समय हो जाने के बाद भी मामले में शामिल आरोपी अधिकारी कर्मचारी व मिल मालिक पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। जबकि सदर थाना में दर्ज प्राथमिकी में शामिल खाद्य आपूर्ति विभाग के निरीक्षक समीर वशिष्ठ की जमानत याचिका अदालत से खारिज हो चुकी है। अन्य निरीक्षक और अन्य आरोपी फिलहाल पुलिस गिरफ्त से बाहर चल रहे हैं। पुलिस भी लगातार दबिश दे रही है, लेकिन आरोपियों के मोबाइल भी बंद हैं।
पिछले दिनों सीआईए टू की टीम ने एक आढ़ती नरेश गर्ग को गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया था कि नरेश ने खुद किसान से ओटीपी लेकर उनके नाम पर पीआर धान का पंजीकरण किया था। उन्होंने 270 क्विंटल धान का भुगतान भी किसान से खुद लिया था। पुलिस की टीम ने आढ़ती के घर सुबह पांच बजे दबिश देकर हिरासत में लिया। इसके बाद पूछताछ पूरी होने पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। आढ़ती को अदालत में पेश करके न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।
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21 अधिकारियों पर दर्ज हो चुकी प्राथमिकी, 15 निलंबित
धान फर्जीवाड़े में अब तक 21 अधिकारियों पर प्राथमिकी दर्ज हो चुकी है। इनमें से 15 निलंबित हो चुके हैं। जबकि इसमें शामिल राइस मिलर की बात करें तो अब तक आठ मिलर पर प्राथमिकी दर्ज है। इनमें से दो गिरफ्तार, दो को जमानत मिल चुकी है जबकि चार पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं
राइस मिलर : आठ पर प्राथमिकी, दो गिरफ्तार
1. असंध में दर्ज प्राथमिकी में आरोपी राइस मिलर शीशपाल और सुनील गोयल को गिरफ्तार कर चुकी है, दोनों को जेल भेजा जा चुका है। जबकि इस मामले में आरोपी तरसेम पुलिस गिरफ्त से बाहर है।
2. इंद्री पुलिस थाना में दर्ज प्राथमिकी में शामिल एएस राइस मिले के दो संचालकों अशोक कुमार निवासी चौरा, डबकौली और संजय कुमार निवासी वार्ड-13, निरंकारी कॉलोनी, इंद्री को अग्रिम जमानत मिल चुकी है।
3. बुटाना थाना क्षेत्र के शेखपुरा खालसा गांव के यूनाइटेड फूड राइस मिल के मालिक नसीब सिंह, साझेदार संतोष रानी को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई है।
4. सदर थाना करनाल में बतान फूड्स राइस मिल सलारु के संचालक सतीश कुमार अभी गिरफ्त से बाहर हैं।
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धान घोटाले को लेकर आढ़तियों किसानों से पूछताछ की जा रही है। जैसे ही किसी की घोटाले में संलिप्तता सामने आएगी उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। घोटाले में शामिल अधिकारियों व मिलर की गिरफ्तारी को लेकर दबिश दी जा रही है। -राजीव कुमार, डीएसपी सिटी, करनाल