कुरुक्षेत्र की नई अनाज मंडी में बेमौसमी बरसात के कारण किसानों की समस्या और बढ़ गई है। मंडी में आया धान अंकुरित होना शुरू हो गया है। धान के खराब होने की एवज में किसानों ने सरकार से मुआवजे की मांग की है। वहीं कुछ किसानों ने मंडी में धान की खरीद न होने पर मार्केट सचिव कार्यालय के बाहर नारेबाजी की और जल्द खरीद शुरू करने की मांग की।
किसानों ने चेतावनी भी है कि यदि सरकारी खरीद शुरू नहीं तो उन्हें मजबूरन सड़कों पर उतरना पड़ेगा।
किसानों के अनुसार पहले ही वे बरसात के कारण बर्बाद हो चुके हैं और अब खरीद न शुरू होने पर उन्हें और भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
किसान जसवंत सिंह, गुरदीप सिंह, साहब सिंह, सुनील मुच्छल, सुखविंद्र सिंह, जोगिंद्र सिंह, लाभ सिंह, बालक सिंह आदि ने बताया कि उनकी फसल मंडी में आई हुई है परंतु खरीद एजेंसी भीगा हुआ बताकर सूखे हुए धान को भी खरीदने से मना कर रही है।
उन्होंने बताया कि जो धान भीग चुका वह न खरीद कर सूखे हुए धान को एजेंसियों को खरीदना चाहिए। उन्हाेंने बताया कि यदि अब और बरसात आई तो जो सूखा हुआ धान है वह भी भीग जाएगा। किसानों के अनुसार उनका काफी धान इस बरसात के कारण अंकुरित हो चुका है जो अब किसी भी काम नहीं आएगा। उन्हाेंने आरोप लगाया कि मंडी के प्रशासनिक अधिकारी जानबूझकर उनके धान को नहीं खरीद रहा और सैलर मालिकों को औने-पौने दाम पर बेचने के लिए मजबूर कर रहा है।
किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि उन पर दबाव बनाया जा रहा है कि वे अपना धान सस्ते में बेचकर यहां से चले जाएं। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उन्हें सरकारी रेट नहीं मिला तो वे आंदोलन करेंगे और जो धान अंकुरित हुआ है उसका मुआवजा भी लेकर रहेंगे। किसानों के अनुसार मंडी में किसानों के लिए अच्छा प्रबंध न होने के कारण उनका धान खराब हुआ है।
मंडी में दुर्गंध आना शुरू हुई
नई अनाज मंडी में बरसात के कारण दुर्गंध का माहौल बन गया है। काफी स्थानों पर धान सड़ने से दुर्गंध हो गई है। किसानों ने कहा कि मंडी में शेड की कमी होने के कारण धान खराब हुआ है। वहीं साफ सफाई होने के कारण दुर्गंध का माहौल हुआ है। किसानों के अनुसार यदि जल्द ही मंडी की सफाई नहीं की गई तो बीमारी भी फैलने का खतरा है।
जमींदाराें को दिया जाए मुआवजा
मंडी एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं जमींदार जगतार सिंह ने प्रदेश सरकार से 25 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा देने की मांग की है। उन्होंने बताया कि किसानों को मुआवजा दिया जाए नहीं तो वे बर्बाद हो जाएंगे।
राइस मिलरों ने भी मुआवजा मांगा
राइस मिल एसोसिएशन के प्रदेश महासचिव ज्वैल सिंगला ने इस बेमौसमी बरसात के कारण हुए नुकसान के चलते 100 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता की प्रदेश सरकार से मांग की है। उन्होंने बताया कि कुरुक्षेत्र में राइस मिलर्स का 100 करोड़ से भी अधिक का नुकसान हुआ है।