फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Karnal News: प्राणवायु का रक्षक और सैरगाह बनेगा ऑक्सीवन पार्क

विज्ञापन
विज्ञापन
- वन विभाग की ओर से सेक्टर-4 से मधुबन तक होगा निर्माण, पहला भाग तैयार
विज्ञापन

सुखदेव चौहान

करनाल। प्राणवायु ऑक्सीजन की बढ़ोतरी के लिए वन विभाग की ओर से सेक्टर-4 से मधुबन तक ऑक्सीवन पार्क तैयार किया जा रहा है। इस पार्क में जहां कर्णनगरी के लोग सैर कर सकेंगे, वहीं विभिन्न योग संस्थाओं को एक बेहतर मंच मिलेगा। विभाग की ओर से इस वर्ष अंतरिक्ष व आरोग्य-वन तैयार करने की भी योजना बनाई गई है। पार्क के पहले भाग का हिस्सा पूरा भी हो चुका है।
ऑक्सीवन पार्क का निर्माण तीन हिस्सों में किया जाना है, जिसका एक हिस्सा तैयार हो चुका है। पहले भाग में आठ प्रकार के वन क्षेत्र विकसित किए गए हैं जिसमें चितवन में विभिन्न मौसमों में फूल खिलने वाले पौधे जैसे आर्किड-टी (कचनार), इंडियन लैबर्नम (अमल्तास), प्राईड ऑफ इंडिया, रेड सिल्क कॉटन ट्री (सीमल), इंडियन कोरल, सीता अशोक, जावा कैसिया, लाल गुलमोहर, गोल्डन शॉवर, पैशन फ्लावर, जैसे सजावटी और फूल वाले पौधे लगाए गए हैं।
विज्ञापन

पाखीवन में पीपल, बरगद, पिलखन, नीम आदि के पौधे लगे हैं, दूसरे भाग में अंतरिक्ष वन में जंगल की आग (पलाश/ढाक), कटहल गुल्लर, आवंला, कृष्णा नील, चैम्पा, खैर व बेल पत्थर जैसे पौधे लगाए जाएंगे। आरोग्य वन में तुलसी, आश्वगंधा, नीम, एलोवेरा, हरड़, बेहड़ा, आंवला आदि औषधीय पौधे रोपित किए जाएंगे। तीसरे भाग में सुगंध वाटिका में चमेली, रात की रानी, दिन का राजा, पारिजात, चम्पा, गुलाब, हनी स्कल व पैसी फलौरा पौधे विकसित किए जाएंगे।

दूसरे भाग का कार्य भी शुरू हो चुका है जिसमें नौ प्रकार के वन तैयार किए जाएंगे। दूसरे भाग में विभाग की ओर से अंतरिक्ष और आरोग्यवन क्षेत्र तैयार करने की योजना बनाई गई है। तीसरे भाग में सुगंधवन, पाखीवन, झरनावन, तपोवन, अंतरिक्षवन, आरोग्यवन, चितवन, स्मरणवन व ऋषिवन लगाने की योजना बनाई गई है।
ऑक्सीवन के पहले भाग पर पांच करोड़ रुपए खर्च हुए हैं, इस ऑक्सीवन की पूरी परियोजना पर लगभग 25 करोड़ रुपये खर्च होंगे। पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने वर्ष 2021 में करनाल में ऑक्सीवन को तैयार करने की घोषणा की थी, चार किलोमीटर क्षेत्र में तैयार होने वाले इस ऑक्सीवन को 80 एकड़ भूमि पर तैयार किया जाएगा। जिले में पहले से सेक्टर नौ में जीटी रोड के साथ लगता अटल पार्क भी है जो करीब 50 एकड़ में तैयार किया गया है जिसमें हजारों की संख्या में पेड़-पौधे लोगों को शुद्ध हवा दे रहे हैं। फिर भी लगातार बढ़ रहे प्रदूषण व पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से जिले में और भी पौधे लगाए जाने की जरूरत है। संवाद

शहरवासियों के लिए अनमोल धरोहर
पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से ऑक्सीवन शहरवासियों के लिए अनमोल धरोहर साबित होगा। इसके पहले भाग में विभाग द्वारा लगभग चार लाख विभिन्न किस्मों के पौधे लगाए गए हैं। दूसरे भाग को भी इस वर्ष के अंत तक तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है जिसमें अंतरिक्ष व आरोग्य वन विकसित किया जाएगा। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि ऑक्सीवन परियोजना को जिले में विकसित करने के लिए पूरा मसौदा तैयार करके मुख्यालय भेजा जा चुका है। जैसे ही मुख्यालय से बजट प्राप्त होता रहेगा उसी अनुसार शहरवासियों की सुविधा के लिए ऑक्सीवन को विकसित किया जाएगा।
स्वच्छ वातावरण के लिए शुरू की मित्र योजना
स्वस्थ पर्यावरण के लिए हरित आवरण की महत्वपूर्ण भूमिका और हरियाणा में वन क्षेत्रों में कमी को पहचानते हुए वन विभाग की ओर से वन मित्र योजना शुरू की गई है। योजना का उद्देश्य वृक्ष आवरण बढ़ाने में स्थानीय समुदायों को सीधे शामिल करना है। योजना के तहत 10 जून तक पौधरोपण के लिए गड्ढे खोदने का काम, एक जुलाई से 15 अगस्त तक रोपण अवधि होगी। 31 अगस्त तक पौधरोपण सत्यापन और जियो टैग, सितंबर से अप्रैल तक रोपित पौधों का रखरखाव व संरक्षण कार्य किया जाएगा। योजना के तहत चार वर्षों तक रोपित पौधों का रखरखाव और संरक्षण का कार्य किया जाएगा।
विज्ञापन


वर्जन
ऑक्सीवन परियोजना के तहत शहरवासियों को शुद्ध हवा व स्वस्थ जीवन देने के तीन भागों में पार्क विकसित किया जाएगा। इसके पहले भाग का कार्य पूरा हो चुका है। इस वर्ष दूसरे भाग को तैयार कर उसमें अंतरिक्ष और आरोग्य वन विकसित किए जाएंगे। लगभग चार किलोमीटर लंबे और 80 एकड़ भूमि में बनने वाला यह वन अपने आप में आकर्षण का केंद्र रहेगा जिससे शहरवासियों को शुद्ध वातावरण मिलेगा।
- जय कुमार, जिला वन अधिकारी करनाल
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें